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घोषणा की तैयारी:शहर में सुरक्षा का टीका 100%, प्रमाण पत्र से घोषणा की तैयारी; क्योंकि लिस्ट के बचे हुए लोग यहां हैं ही नहीं

उज्जैन2 महीने पहले
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जो लोग वैक्सीनेशन केंद्र पर आने में असमर्थ है उन्हें घर जाकर भी टीके लगाए जा रहे हैं। - Dainik Bhaskar
जो लोग वैक्सीनेशन केंद्र पर आने में असमर्थ है उन्हें घर जाकर भी टीके लगाए जा रहे हैं।
  • शहर के सभी 54 वार्डों के सर्वे दलों से इसके लिए प्रमाण पत्र लिए जा रहे

उज्जैन शहर में फर्स्ट डोज के लक्ष्य के एवज में 98 फीसदी वैक्सीनेशन हो चुका है। इसे जिम्मेदारों द्वारा 100 फीसदी माना जा रहा है। इसलिए कि जो 2 फीसदी बचे हुए हैं उनमें शामिल ऐसे लोग, जिनके पास आईडी नहीं है, जो कहीं चले गए हैं, जिनके पास मोबाइल नहीं है, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, बीमारी या अन्य कारणों से केंद्रों तक नहीं पहुंच पाने वाले आदि माने जा रहे हैं। इस बीच अब प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उज्जैन शहर में फर्स्ट डोज के 100 फीसदी वैक्सीनेशन की घोषणा की तैयारी कर रहे हैं। शहर के सभी 54 वार्डों के सर्वे दलों से इसके लिए प्रमाण पत्र लिए जा रहे हैं।

इधर दूसरी तरफ अंचलों की ग्राम पंचायतों में भी लक्ष्य के एवज में फर्स्ट डोज लगाने का टारगेट लगभग पूरा कर लिया गया है। इसके लिए इन ग्राम पंचायतों से प्रमाण पत्र लिया जा रहा है। जबकि उज्जैन शहर को छोड़ जिले की अन्य नगरीय निकायों में लक्ष्य की तुलना में अभी फर्स्ट डोज का वैक्सीनेशन औसतन 90 फीसदी तक ही पहुंचा है। लिहाजा जिम्मेदारों द्वारा इन निकायों के लक्ष्य के नजदीक पहुंचने के लिए एक-दो और प्रयास किया जा रहे हैं। उसकी प्लानिंग कर ली गई है। ऐसे में कहा जा सकता है कि उज्जैन शहर के बाद जिले में फर्स्ट डोज के 100 फीसदी वैक्सीनेशन की घोषणा भी जल्द हो सकती है। गौरतलब है कि जिले में 16 लाख 21 हजार 401 लोगों को वैक्सीनेट करने का लक्ष्य है।

यह प्रक्रिया रहेगी फर्स्ट डोज 100 फीसदी वैक्सीनेशन की घोषणा की

  • शहरी व निकायों के वार्ड के सर्वे दलों से प्रमाण पत्र लिए जाएंगे कि उनके यहां शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन हो चुका है, जो इक्का-दुक्का बचे हैं वे यहां नहीं है या वैक्सीन लगवाने की स्थिति में नहीं है। ये प्रमाण पत्र एकत्रित होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचेंगे।
  • इसी तरह के प्रमाण पत्र ग्राम पंचायतों में प्रत्येक पंचायत से लिए जा रहे हैं। यह प्रमाण पत्र जनपद पंचायतों के सीईओ के जरिए जिला पंचायत सीईओ के पास पहुंचेंगे। वहां से कलेक्टर कार्यालय।
  • प्रमाण पत्रों के आधार पर प्रशासन द्वारा शासन के समक्ष जिले में फर्स्ट डोज का 100 फीसदी वैक्सीनेशन होने का दावा प्रस्तुत किया जाएगा।

निकायों के 90 फीसदी आंकड़े को आगे बढ़ाने की यह प्लानिंग

  • इस कार्य के लिए पिछड़ा वर्ग
  • कल्याण विभाग से जुड़े अधिकारी को नोडल बनाया है।
  • इनकी जिम्मेदारी रहेगी कि वे आश्रमों में, आधार गृहों में, सड़कों पर घूमने वाले भिक्षुकों को आदि को चिह्नित करेंगे। इनके अलावा अन्य कारणों से वैक्सीनेशन से छूटे लोगों को भी तलाशा जाएगा। इन सभी को एक स्थान व केंद्र पर एकत्रित कर वैक्सीनेट किया जाएगा। इस तरह औसतन यह आंकड़ा बढ़ाकर 95 फीसदी तक भी पहुंच पाता हैं तो संतोषजन, माना जाएगा।

प्रयास किए जा रहे

टीकाकरण अधिकारी डॉ. केसी परमार के अनुसार शहर में लक्ष्य की तुलना में फर्स्ट डोज का 98 फीसदी वैक्सीनेशन हो चुका है, जिसे 100 फीसदी माना जा रहा है। जल्द ही इसकी घोषणा करवाई जाएगी। जिले के अन्य नगरीय निकायों में औसतन 90 फीसदी तक हम पहुंचे हैं।

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