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  • Vamana Karma Result Of Corona Patients Online For 30 To 40 Minutes Cured, Did Not Even Bother After Post Covid

उपलब्धि:कोरोना के मरीजों का ऑनलाइन 30 से 40 मिनट तक वमन कर्म नतीजा- ठीक हुए, पोस्ट कोविड के बाद की तकलीफ भी नहीं हुई

उज्जैन17 दिन पहले
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  • 65 से 36 साल तक के सात मरीजों की रिसर्च अब नेशनल अकादमी ऑफ पंचकर्म एंड रिसर्च में प्रकाशित होगी

कोविड के मरीजों का पहली बार ऑनलाइन आयुर्वेद से उपचार किया गया, जिसमें 30 से 40 मिनट में मरीजों को वमन करवाया गया। इससे मरीजों को हॉस्पिटल भी नहीं जाना पड़ा और घर पर ही इलाज भी हो गया। इसकी शुरुआत पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. एसएन पांडे ने अपने घर से ही की। उनकी पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें वमन कर्म करवाया गया, जिससे वे स्वस्थ हो गई। उनका बुखार ठीक हो गया और ऑक्सीजन लेवल भी कंट्रोल हो गया।

उसके बाद करीब सात मरीजों ने डॉ. पांडे से वमन कर्म के लिए मोबाइल पर संपर्क किया, चूंकि मरीज कोरोना पॉजिटिव थे इसलिए उन्हें ऑनलाइन ही वमन कर्म करवाया गया। इसमें उनके स्वास्थ्य में जल्द सुधार तो हुआ ही पोस्ट कोविड के बाद भी उन्हें दूसरे मरीजों की तरह सांस भर जाना, थकान लगना आदि किसी भी तरह की समस्या नहीं आई। सात में से एक भी मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती नहीं करना पड़ा। उन्हें होम क्वारेंटाइन में ही इलाज मिल गया।

सात मरीजों में से 4 मरीजों को पेंडेमिक एक्ट के तहत एलोपैथिक दवाइयां दी गई और बाकी के तीन मरीजों ने एलोपैथी की दवाइयां नहीं ली, केवल वमन कर्म करवाया और आयुर्वेदिक दवाइयां ली, जिससे वे पूरी तरह से स्वस्थ हो गए। मरीजों का कहना है कि हमने ऑनलाइन आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज करवाया और कोरोना से तो ठीक हुए ही, पोस्ट कोविड के बाद होने वाली परेशानी भी नहीं हुई। डॉ. पांडे की कोरोना पर यह रिसर्च जर्नल नेशनल अकादमी ऑफ पंचकर्म एंड रिसर्च में प्रकाशित हो जाने जा रही है, जो शहर के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसकी स्वीकृति हो गई है।

अस्थमा की महिला मरीज को कोरोना हुआ, वमन कर्म से ठीक हुई
65 साल की महिला का आयुर्वेदिक इलाज से भूख लगने लगी, कमजोरी दूर हुई और एसपीओ-टू 98-99 रहा। 61 साल के बुजुर्ग की आरटी पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आई थी लेकिन लक्षण कोरोना के थे। उन्हें भी इलाज दिया गया तो बुखार व खांसी में आराम होने के साथ सीआरपी कम हो गया।

इंदौर की 32 साल की महिला ने भी वमन कर्म करवाया, जिससे सांस की तकलीफ दूर हुई और बुखार भी कम हो गया, सीआरपी नार्मल हो गया। 52 साल की महिला को 20 साल से अस्थमा था और कोविड भी हो गया। उनका 24 अप्रैल को वमन कर्म किया गया, उसके चौथे ही दिन महिला स्वस्थ हो गई। डॉ. पांडे बताते हैं कि यह पंचकर्म की शार्ट पद्धति सद्य वमन कर्म है। इसमें केवल 30 से 40 मिनट ही लगते हैं। इसके कोई साइड इफैक्ट भी नहीं है।

वमन कर्म के यह फायदे... वमन कर्म के बाद मरीजों में बुखार, भूख नहीं लगना, कमजोरी, स्वाद नहीं आना, सांस लेने में तकलीफ आदि में लाभ होता है। लैब जांच जिसमें सीआरपी जो कि कोरोना मरीजों में अधिक बढ़ता है, वमन कर्म में दूसरे ही दिन से नार्मल होना शुरू हो जाता है यानी मरीजों के शरीर में कोरोना के संक्रमण का प्रभाव कम हो जाता है।

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