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डेंगू-वायरल की लहर:वार्ड 49 सबसे बीमार... डेंगू के 65 मरीज, बेड फुल, जमीन पर मरीज

उज्जैन10 दिन पहले
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जिला अस्पताल में अभी के हालात - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल में अभी के हालात
  • खुले नाले और सीवरेज के लिए खोदी गई सड़कों में पानी भरा होने से पनप रहे मच्छर

पति, पत्नी के बाद बेटे को भी डेंगू; 7 दिन बाद भी मलेरिया विभाग की टीम नहीं पहुंची

ऋषिनगर में रहने वाले परिवार में एक-एक कर तीनों ही सदस्यों को डेंगू हो गया। पहले पति बीमार हुए, उसके बाद पत्नी और बेटा भी बीमार हो गया। उन्हें होम आइसोलेट होना पड़ा। जिला मलेरिया विभाग की टीम सात दिन बाद भी यहां नहीं पहुंची।

घर के समीप खुला नाला है, जिसकी नियमित सफाई नहीं हो रही है। जमा पानी में मच्छर पनप रहे हैं, जिससे रहवासी बीमार हो रहे हैं। महाकाल सिंधी कॉलोनी में रहने वाले परिवार की बेटी को भी डेंगू हुआ। यहां भी साफ-सफाई नहीं होने से मच्छर पनप रहे हैं।

रहवासी महेश सीतलानी का कहना है कि मलेरिया विभाग की टीम यहां नहीं पहुंची। अपने प्रयासों से जमा पानी की निकासी और साफ-सफाई करवाना पड़ी। ऐसे ही हाल वार्ड 49 के भी हैं। यहां सबसे ज्यादा 65-70 मरीज बीमार हुए हैं, जिनमें बच्चों की संख्या ज्यादा है।

पूर्व पार्षद संतोष व्यास का कहना है कि यहां सबसे बड़ी समस्या खुले नाले की है और टाटा कंपनी द्वारा खोदी गई सड़कों में पानी भरा हुआ है, जिससे मच्छर बढ़े हैं। तेज बारिश नहीं होने से नाले का पानी बहकर नहीं निकला और निगम की टीम भी सफाई करने के लिए नहीं पहुंंची।

क्षेत्र के मुनिनगर और आसपास की कॉलोनियों में मरीजों में वायरल फीवर व डेंगू हो रहा है। जिला मलेरिया विभाग की टीम यहां भी नहीं पहुंची है। आसपास के वार्ड 48 व 50 में भी मरीज बढ़े हैं। बढ़ते मरीजों के चलते जिला अस्पताल के वार्ड मरीजों से भर गए हैं।

यहां बेड खाली नहीं है। ऐसे में मरीजों को कोविड हॉस्पिटल माधवनगर में भर्ती किया जा रहा है। कई मरीजों को प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ रहा है लेकिन यहां भी मरीजों को बेड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। अब तक 765 से ज्यादा मरीज बीमार हो चुके हैं। प्राइवेट डॉक्टर्स के क्लिनिक पर भी लंबी वेटिंग चल रही है, खासकर शिशु रोग विशेषज्ञों के यहां पर। सर्दी-खांसी के भी मरीज बढ़ते जा रहे हैं।
​​​​​​​अस्पताल परिसर ही सुरक्षित नहीं, स्वास्थ्यकर्मी सहित 10 बीमार

जिला अस्पताल परिसर में रहने वाले स्वास्थ्यकर्मी और उनके परिवार के सदस्य ही सुरक्षित नहीं हैं। यहां मच्छर पनप रहे हैं जो कि डेंगू और वायरल फीवर से रहवासियों को बीमार कर रहे हैं। स्वास्थ्यकर्मियों और उनके परिवार के 10 सदस्य बीमार हो गए हैं। उन्हें डेंगू और वायरल फीवर हुआ है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जिला अस्पताल परिसर में ही मच्छरों की रोकथाम के कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
प्लेटलेट्स घटकर 93 हजार रह गए, आईसीयू में भर्ती करना पड़ा

जिला अस्पताल की ओपीडी में पदस्थ प्रेमचंद नाहर को डेंगू हुआ है। प्लेटलेट्स ढाई लाख से घटकर 93 हजार रह गए हैं। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मी को जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करना पड़ा है। आरएमओ कार्यालय के कर्मचारी की बेटी और स्वास्थ्यकर्मी के बच्चे को भी डेंगू होने पर हॉस्पिटल में भर्ती किया है।

इधर, मलेरिया विभाग का दावा- हर वार्ड में टीमें भेजी, दवा का छिड़काव कराया, लार्वा नष्ट करवाया
शहर और जिले में बढ़ते मरीजों के बीच जिला मलेरिया विभाग का दावा है कि हर वार्ड में टीमें भेजी जा रही है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एसके अखंड का कहना है कि शहर में लार्वा सर्वे किया जा रहा है। लार्वा पाए जाने पर मौके पर ही नष्ट किया जा रहा है।

दवा का छिड़काव भी कर रहे हैं। डेंगू के मरीज पाए जाने पर संबंधित स्थान पर जाकर परिवार के सदस्यों और आसपास में रहने वाले परिवार के सदस्यों के ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं और उनकी जांच की जा रही है।

सिविल सर्जन डॉ. पीएन वर्मा का कहना है कि जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले बुखार के सभी मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर जांच की जा रही है। वार्डों में मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।

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