स्कूल खुलने की खुशी:50 किमी दूर से आए बच्चे बोले- हफ्ते में एक नहीं दो-तीन दिन पढ़ाना चाहिए

शाजापुर3 महीने पहले
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उत्कृष्ट विद्यालय में 9वीं के छात्र पढ़ाई करते हुए। - Dainik Bhaskar
उत्कृष्ट विद्यालय में 9वीं के छात्र पढ़ाई करते हुए।
  • ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों को होने लगी बोरियत

9वीं के विद्यार्थियों ने शनिवार काे स्कूल के खुलने पर जो जज्बा दिखाया, वह इस महामारी के दाैर में देखने लायक है। शासन के नियमानुसार स्कूलाें में 9वीं 50 प्रतिशत बच्चे उपस्थित हुए। शहर के महारानी लक्ष्मीबाई कन्या महाविद्यालय में छात्राओं की रुचि भी पढ़ाई करने में दिखी और उसमें 9वीं की कुल 212 छात्रों में से 120 छात्राएं स्कूल पहुंची और पढ़ाई की। इसी प्रकार उत्कृष्ट में 240 विद्यार्थियों में से 120 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। इसमें भी लड़कियों की संख्या ज्यादा थी।

ऐसा ही कुछ शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 में दिखा। यहां पर भी 217 में से 65 विद्यार्थी स्कूल आए। यह उपस्थिति केवल 63 प्रतिशत ही थी। परंतु 12वीं और 11वीं के मुकाबले यहां उपस्थिति 90 प्रतिशत ज्यादा थी। शासकीय उच्च माध्यमिक ज्योति नगर विद्यालय में भी जरूर 84 बच्चों में से केवल 14 ही पहुंचे। इस सत्र के लिए पालक संघ का चुनाव का भी निर्वाचन हुआ। इसमें सुनील कदम को 15 सदस्य समिति के साथ अध्यक्ष बनाया। अब वह शाला प्रबंधन का कार्य देखेंगे।

बच्ची ढाई किमी पैदल चल पहुंची स्कूल, ऑफलाइन न हो पढ़ाई

उत्कृष्ट विद्यालय के छात्र सुमित वर्मा लहारखेड़ा 50 किलोमीटर दूर गांव से विद्यालय आए। उन्होंने बताया अगर बारिश भी होती तो जरूर बस या बाइक से स्कूल आऊंगा। शासन ने केवल 1 दिन पढ़ने का दिया है। उसे हम छुट्टी में नहीं गवाएंगे। नैनावद के युवराज सिंह ने बताया कि उन्हें मैजिक से आना पड़ा, परंतु सप्ताह में केवल एक ही दिन स्कूल लग रहा है, अगर 2 दिन लगे तो बढ़िया होगा।

प्रियंका गोठी मूलीखेड़ा से ढाई किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंची। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन पढ़कर बोर हो गए थे। बहुत दिन से इंतजार था कि स्कूल खुले। पायल मालवीय ने बताया कि वह 8 किलोमीटर दूर से स्कूल आई, क्योंकि उन्हें भविष्य में डॉक्टर बनना है।

9वीं व 10 वीं के विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के दिन बढ़ाना चाहिए: प्राचार्य

उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य केके अवस्थी ने बताया कि विद्यार्थी को उत्साह देखकर लगता है कि सरकार को स्कूल में पढ़ने के दिन बढ़ाना चाहिए। क्रमांक 2 की प्राचार्य अनीता श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे यहां ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर लड़के पढ़ते हैं और उनकी उपस्थिति इतनी अच्छी होना इस बात का सबूत है कि बच्चे पढ़ने की इच्छुक है।

वहीं कन्या विद्यालय की प्राचार्य रेणुका परमार ने बताया कि 9वीं की छात्राएं इतनी ज्यादा उपस्थिति बता रही है कि वहां कुछ करके दिखाना चाहती हैं। ज्योतिनगर के प्राचार्य रमेश मालवीय ने बताया कि सप्ताह में 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए 2 दिन पढ़ाई के होना चाहिए। जिससे बच्चों को पढ़ाई में आसानी होगी।

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