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3 जिलों को मेगा सोलर पार्क की सौगात:CM बोले - सीएम हाउस में भी फालतू बिजली नहीं जलने देता, कोयले के साथ सूर्य और पानी से बिजली पैदा होगी

शाजापुर10 दिन पहले
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने साेलर मेगा पार्क का भूमिपूजन किया।

प्रदेश में पहले 5 हजार मेगावाट बिजली पैदा होती थी। आज प्रदेश में 22 हजार मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। प्रदेश में अब कोयले के साथ-साथ सूर्य और पानी से बिजली पैदा होगी। कोयले से पर्यावरण को नुकसान होता है, इससे प्रदूषण बढ़ता है, लेकिन सूरज से पैदा हुई बिजली से पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचता। बिजली की बचत कीजिए। मध्य प्रदेश सरकार को बिजली पर 21 हजार करोड़ की सब्सिडी देना पड़ रही है। जितनी जरूरत है, उतनी ही बिजली जलाओ। सीएम हाउस में भी एक भी बल्ब फालतू नहीं जलने देता।

यह बात सीएम शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार काे शाजापुर में कही। वे प्रदेश में 5250 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले 1500 मेगावॉट क्षमता के सोलर परियोजनाओं का शिलान्यास करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा - मध्यप्रदेश में बेटियां बढ़ रही हैं। 2020-21 के आंकड़ों में बेटे 1 हजार तो बेटियां 956 पैदा हो रही हैं। बेटियों के लिए चलाई जा रही योजना का लाभ मिला है। प्रदेश में बेरोजगारों के लिए एक वर्ष में 1 लाख सरकारी नौकरियों पर भर्ती की जाएगी।

केंद्रीय मंत्री बोले - सौर ऊर्जा से देश में 5 लाख मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा
केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने कहा - देश में अब हर परिवार को बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। किसी भी घर में अंधेरा नहीं रहेगा। पूरे देश में अब 24 घंटे में से 20 घंटे बिजली दी जा रही है। सौर ऊर्जा से पूरे देश में 5 लाख मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। भारत अब दूसरे देशों को बिजली बेच रहा है। देश को बिजली में सरप्लस बनाया जाएगा।

ऊर्जा मंत्री बोले - मध्य प्रदेश सौर ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग ने कहा - मध्य प्रदेश सौर ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा, इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। रीवा जिले में स्थापित सोलर प्लांट प्रदेश के साथ-साथ एशिया का भी सबसे बड़ा प्लांट है। यहां 750 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। रीवा सोलर प्लांट से दिल्ली मेट्रो को भी बिजली दी जा रही है। खंडवा जिले में नर्मदा नदी के ओंकारेश्वर बांध पर विश्व का सबसे बड़ा तैरता हुआ सोलर पार्क बन रहा है, जो दुनिया का 9वां अजूबा है।

इस प्लांट से 2022-23 तक 600 मेगावाट बिजली मिलने लगेगी। इसकी लागत करीबन 3000 करोड़ रुपए बताई जा रही है। अब प्रदेश के शाजापुर, आगर और नीमच जिलों में मेगा सोलर पार्क बनने जा रहे हैं। इन तीनों जिलों में स्थापित सोलर पार्क पर करीबन 6000 करोड़ रुपए की लागत आएगी और बिजली का उत्पादन 1500 मेगावाट होगा। तीन जिलों में मिलाकर लगने वाला ये सोलर प्लांट प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा सोलर पार्क होगा।

किस जिले में सोलर प्लांट का कितना हिस्सा
आगर जिले में आने वाले सोलर प्लांट के हिस्से की क्षमता 550 मेगावाट होगी। यह प्रदेश में दूसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा संयंत्र होगा। नीमच जिले में आने वाले सौर ऊर्जा प्लांट की क्षमता 500 मेगावाट होगी। इसी तरह शाजापुर जिले में आने वाले सौर ऊर्जा प्लांट की क्षमता 450 मेगावाट होगी। खास बात यह है कि सोलर पार्क की स्थापना के लिए केवल बंजर जमीन का ही इस्तेमाल किया जाएगा। सोलर पार्क की कुल अनुमानित लागत 6 हजार करोड़ है।