प्रशांत महासागर में हलचल शुरू:ला नीना एक्टिव होने से ठंड तेज, पारा 12.90

शाजापुरएक महीने पहले
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इस साल भारत में ठंड भी लोगों में ज्यादा ठिठुरन पैदा करने वाली होगी। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस बार की ठंड पिछले कुछ सालों की तुलना मे ज्यादा तीखी होने वाली है। यह अनुमान सुदूर प्रशांत महासागर में हुए मौसम के बदलावों की वजह से लगाया जा रहा है। इसका पूरी दुनिया पर असर होगा। यह बदलाव ला नीना सिस्टम की वजह से आ रहे हैं। इसका असर पूर्व मध्य भारत और शाजापुर, आगर-मालवा में देखने को मिलेगा।

इस पूरे चक्र में प्रशांत महासागर पर असर पड़ेगा, जो अमेरिका के पर्व से लेकर एशिया और ऑस्ट्रेलिया तक फैला है। ईएनएसओ महासागर की सतह पर पानी और हवा में असामान्य बदलाव लाता है। जहां ला नीना को ठंडे प्रभाव के रूप में देखा जाता है, वहीं अल नीनाे गर्मी लाने वाले प्रभाव के रूप में देखा जाता है। मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया ने बताया कि शनिवार का अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12.9 डिग्री सेल्सियस रहा। लगातार पिछले 5 दिनों से तापमान में गिरावट जारी है।

इसलिए बढ़ेगी ठंड
इस बार ला नीना सक्रिय है। इसका असर भारत में लगातार कम तापमान के रूप में नहीं होगा, बल्कि बीच बीच में आने वाली शीतलहर के रूप में होगा। ला नीना और अल नीनो का असर 9 से 12 महीनों के बीच में होता है। ये हर दो से सात साल में अनियमित रूप से दोबारा आते हैं। अल नीनो ला नीना से ज्यादा बार आता देखा गया है। इसमें 2021 और 22 के मौसम में लगातार परिवर्तन देखने को मिलेगा।

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