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भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट:आंकड़ों में डेंगू जीरो, क्योंकि... एंटीजन किट से टेस्ट को स्वास्थ्य विभाग की मान्यता नहीं, इसलिए... प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवा रहे सैकड़ों मरीज

शाजापुर7 दिन पहले
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जिला अस्पताल में वायरल फीवर के मरीजों की लग रही आवाजाही। - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल में वायरल फीवर के मरीजों की लग रही आवाजाही।
  • जिले की 3 पंचायत, 2 नगर पंचायत, 2 नगर पालिका से भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट
  • स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में डेंगू के 3 ही संदिग्ध मरीज

पड़ाेसी जिले आगर में डेंगू को लेकर दहशत फैली हुई है, वहीं दूसरी ओर शाजापुर जिले के स्वास्थ्य विभाग पर इसका जरा भी असर नहीं हो रहा। जहां एक ओर निजी अस्पतालों में एंटीजन किट से टेस्ट कर डेंगू की पुष्टि की जा रही है, वहीं सरकार के स्वास्थ्य विभाग इसे मान्यता नहीं देते। लेकिन निजी अस्पतालों में इसी टेस्ट पद्धति से मोटी रकम वसूली जा रही है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र तो दूर जिला मुख्यालय स्थित प्रशासनिक भवनों के आसपास ही मच्छरों को पनपाने वाले रुके हुए पानी तक को साफ नहीं किया जा रहा, तो ग्रामीण क्षेत्र में सिर्फ डीडीटी पाउडर के भरोसे ही मच्छरों का नियंत्रण किया जा रहा है।

आगर जिले के बाद डेंगू की शाजापुर जिले में इंट्री के पहले सिस्टम के आउट होने की ऐसी ही स्थिति भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आई। सरकारी सहित निजी अस्पतालों में हर दिन पहुंच रहे दो से ढाई हजार मरीजों में सर्दी, खांसी और बुखार जैसी बीमारी के साथ डेंगू के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। निजी अस्पतालों द्वारा एंटीजन किट से किए टेस्ट को सरकार का स्वास्थ्य विभाग मान्यता नहीं देता, इसीलिए शाजापुर जिले में अब तक डेंगू का कोई मरीज नहीं है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के मक्सी में दो और बेरछा में एक डेंगू का संदिग्ध मरीज है।

जिम्मेदारों के आंगन में पनप रहे मच्छर
पड़ाेसी जिला डेंगू के दंश से तड़प रहा है, पर शाजापुर जिले के जिम्मेदारों को इसकी जरा भी परवाह नहीं है। भास्कर ने जब मच्छरों के पनपने की स्थिति का स्कैन किया तो जिम्मेदार विभागों के आंगन में ही मच्छर पनपते दिखाई दिए। सबसे पहले कोतवाली थाना परिसर में बारिश के पानी का जमाव दिखाई दिया। वहीं दूसरी ओर वाटर वर्क्स के गेट के सामने ही कई दिनों का पानी उबड़-खाबड़ जमीन में भरा हुआ है। वहीं नगर पालिका द्वारा जहां हाट बाजार लगाकर व्यापारियों से कर वसूला जाता है, वहीं सबसे ज्यादा मच्छरों के पनपने की स्थिति दिखाई दी।

मक्सी : झोंकर में एक माह में 20 से ज्यादा मरीज
मक्सी, सिरोलिया, लुनियाखेड़ी, गोलवा और झोंकर क्षेत्र में डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। तेज बुखार और सर्दी, खांसी से पीड़ित ग्राम गोलवा के 6 वर्षीय आर्यन को परिजन निजी अस्पताल ले गए तो डॉक्टर ने डेंगू की जांच करवाई, जहां रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसी तरह 18 साल के राजू, लुनियाखेड़ी के विजय, सिरोलिया के अनोखीलाल, झोंकर के शाहिद, रोशनी, जैनम बी, जोया, मक्सी के लोकेंद्र ओर रोशन को डेंगू की पुष्टि होने के बाद उज्जैन और शाजापुर के निजी अस्पतालों में भर्ती करना पड़ा। सबसे ज्यादा स्थिति झोंकर में खराब है, यहां पिछले 1 माह में 20 से ज्यादा लोग डेंगू का शिकार हो चुके हैं।

एंटीजन किट से टेस्ट कर हो रहा डेंगू का इलाज
6 साल के वेदांत के पिता कमल किशोर ने नाराजगी जताते हुए कहा विभाग कहता कि पहले एलाइजा टेस्ट करवाओ, फिर मानेंगे की डेंगू है या नहीं। निजी अस्पताल 900 रु. में एंटीजन किट से टेस्ट कर डेंगू बताकर इलाज कर रहे हैं। टेस्ट की पद्धति को सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने मान्यता नहीं दी है। ऐसे में मरीज के साथ यदि कोई अनहोनी हो जाए तो जिम्मेदार कोन होगा।

शुजालपुर : रोज 100 बुखार पीड़ित
सिटी सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 450 से अधिक मरीजों की औसतन ओपीडी हो रही है, जिसमें हर रोज 100 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित पहुंच रहे हैं। बीते सप्ताह राजगढ़ जिले से एक डेंगू का संदिग्ध रोगी अस्पताल में आया था, जिसे परामर्श देकर अन्यत्र भेजा। सिविल अस्पताल के प्रभारी डॉ. राजेश तिवारी के अनुसार शुजालपुर व आसपास क्षेत्र में अभी डेंगू या मलेरिया का कोई एक्टिव केस प्रमाणित रूप से नहीं मिला है। उन्होंने बताया वायरल बुखार का प्रकोप जरूर है, जिससे सावधान रहते हुए समय पर उपचार की जरूरत है।

अलर्ट : डॉक्टर की सलाह जरूरी
डॉ. तिवारी ने बताया कि वायरल बुखार, सर्दी-खांसी होने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाकर समय पर उपचार लेकर व्यक्ति खुद को सुरक्षित कर सकता है। डॉ. तिवारी ने सलाह देते हुए यह भी कहा कि लोग अपने घरों के आसपास गंदे पानी का जमाव न होने दें तथा मास्क लगाने के साथ ही मच्छर न पनपने दें। उधर, ग्रामीण अंचल अरनियाकलां, जामनेर, तिलावद मैना, कमालपुर, उगली में भी बुखार से पीड़ित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यहां भी डेंगू व मलेरिया का कोई प्रकरण नहीं पाया गया है। वायरल फीवर से पीड़ित होकर लोग उपचार ले रहे हैं।

करजू : कार्यालयों के सामने ही पानी
मोहन बड़ोदिया क्षेत्र के गांवों में हर घर सर्दी, खांसी बुखार के मरीज हैं। कोई सरकारी अस्पताल तो कोई झोलाछाप डॉक्टरों या प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। इधर, स्वास्थ्य विभाग के आंकडों में एक भी मामला डेंगू का नहीं है। बीएमओ डॉ. अजीत राव ने कहा क्षेत्र में किसी भी मरीज में डेंगू पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं आई। जबकि डेंगू के मरीज होने की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है। बीते दिनों थाने में हुई शांति समिति की बैठक में भी तहसीलदार के सामने लोगों ने डेंगू के मरीज होने का कहकर सफाई का मुद्दा उठाया था। करजू में पंचायत, हाईस्कूल, आंगनवाड़ी, सोसायटी के सामने भरा पानी डेंगू को आमंत्रित कर रहा है।

पनवाड़ी : जिम्मेदार नहीं पहुंचे, लोगों ने ओवरब्रिज के नीचे का पानी साफ किया
जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर पनवाड़ी क्षेत्र में भी डेंगू को लेकर लोगों में चिंता दिखाई देने लगी है। क्योंकि यहां बीच से निकले रेलवे के अंडरब्रिज में पानी जमा होने से डेंगू फैलने का डर है। स्थानीय लोगों ने कई बार रेलवे को शिकायत की, पर रेलवे के अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। ऐसे में ग्राम के डॉ. करुणानिधि पाटीदार ने रेलवे अंडरब्रिज के नीचे जमा पानी को अपने टीम के सदस्यों के साथ निकालना शुरू करा दिया। रेलवे के इंजीनियरों ने जो ब्रिज के नीचे ढलान दिया है, इस कारण पानी कभी भी नहीं निकल सकता।

गुलाना : डीडीटी पाउडर के भरोसे
जिले की गुलाना और बोलाई जैसे बड़ी ग्रामीण बस्तियों में डेंगू को लेकर पंचायत स्तर पर सतर्कता दिखाई दी। बोलाई के सचिव मानसिंह सिसौदिया और रायसिंह सिसौदिया के अनुसार डेंगू के प्रकोप को देखते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। साफ-सफाई करवा दी गई है। बारिश का पानी जमा नहीं होने नहीं देने की अपील की गई है। इसके अलावा बीते दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में डीडीटी पाउडर का छिड़काव भी करा दिया है। लेकिन आसपास के क्षेत्र के निजी डाॅक्टरों के क्लिनिक पर सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की भीड़ दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।

रिपोर्ट : नितिन राजावत, विकास गोयल, सतीश शर्मा, सलीम शेख, पुरुषोत्तम पारवानी, महेंद्र टेलर

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