आरोप / 1 करोड़ का लोन पास कराने मैनेजर ने 5 लाख लिए, बाद में 2 लाख और मांगे, अब स्वीकृत लोन भी देने से इनकार

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  • पीएनबी शाखा प्रबंधक ने पहले इनकार किया, वाइस रिकार्डिंग होने की बात कहने पर मामला दबाने के लिए धमकी दिलवाने पर उतारू
  • दो साल से परेशान युवक ने कलेक्टर से की शिकायत

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 06:10 AM IST

शाजापुर. पंजाब नेशनल बैंक की शाखा शाजापुर में लोन स्वीकृत करने के लिए रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। दो साल से बैंक के चक्कर लगा रहे आवेदक ने कलेक्टर को आवेदन देकर बैंक शाखा प्रबंधक सुरेशचंद्र मीणा पर पहले 5 और बाद में 2 लाख रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। मामले की कुछ वाइस रिकार्डिंग भी सामने आई। मामले में प्रबंधक मीणा ने पहले तो पैसे जैसी बात से इनकार किया। बाद में बदमाशों से फोन लगवाकर धमकी दिलाने तक का प्रयास किया। इससे शाखा प्रबंधक की भूमिका संदेह के घेरे में आई है।
आवेदक नरेंद्र मालवीय पिता रोडमल मालवीय निवासी लालघाटी शाजापुर ने मंगलवार को कलेक्टर को आवेदन देकर शाखा प्रबंधक मीणा द्वारा लोन के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। नरेंद्र ने बताया प्रबंधक ने 1 करोड़ रुपए के लोन स्वीकृत करने के लिए करीब दो साल पहले 5 लाख रुपए मांगे। उक्त रुपए देने के बाद मकान व जमीन मार्टगेज कराने पर प्रबंधक ने 65 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत की पहली किस्त के रूप में 5 लाख रुपए भी दे दिए। लेकिन उक्त स्थान पर अड़चन आने के कारण मुझे उद्योग इकाई का स्थान बदलना पड़ा। इसके लिए कलेक्टर से अनुमति लेने के बाद ही मैंने दूसरी जगह जमीन खरीदी।

स्थान बदलने पर फिर से प्रबंधक ने अड़चनें आने की बात कहते हुए 2 लाख रुपए की और डिमांड की। रुपए देने में जब मैंने अपनी असहमति जताई तो प्रबंधक ने जिन कागजों पर पहले लोन स्वीकृत किया था, उनमें ही कमियां निकालना शुरू कर दी। सारी कमियों को पूरा करने पर अब उन्होंने ऑनलाइन आवेदन का नया पेंच फंसा दिया। इसमें कोई नया आवेदक आवेदन ही नहीं कर सकता।
अंत्यावसायी अधिकारी को निर्देश
कलेक्टर ने लोन का प्रकरण भेजने वाली संस्था अंत्यावसायी संस्था के कार्यपालन अधिकारी एम.एस. कछावा को तत्काल फोन कर प्रकरण का निपटारा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा सारे दस्तावेजों की पूर्ति कर दी गई हो तो ऋण स्वीकृत कराएं। सिर्फ पोर्टल के लिए इसे न रोका जाए।

धमकी दिलवाकर मामले को दबाने की कोशिश
पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक मीणा से जब इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने पहले तो पैसे जैसी कोई बात नहीं होने की बात कही। बाद में जब उन्हें यह बताया गया कि आवेदक से आपकी रुपए लेन-देन संबंधी बात करने की ऑडियो रिकार्डिंग है, यह बात कहने पर मीणा ने पहले तो बात टाल दी। बाद में पत्रकार के नाम पर किसी बदमाश से मामला दबाने के लिए दबाव बनाने का प्रयास किया गया। इससे शाखा प्रबंधक मीणा की भूमिका और भी संदिग्ध दिख रही है।

शिकायत मिली है, आवेदक के साथ गलत नहीं होने देंगे
बैंक संबंधी शिकायत सामने आई है। निराकरण के लिए अंत्यावसायी के अधिकारी को निर्देशित किया है। आवेदक के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा। रही बात बैंक प्रबंधक द्वारा दबाव बनाने की यह बिलकुल गलत है। मामले की जांच कराएंगे। उक्त प्रकरण में भी सारे पहलुओं पर विस्तार से जांच कराएंगे। 
- दिनेश जैन, कलेक्टर शाजापुर

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