स्वास्थ्य सेवाओं का उपचार जरूरी:200 बेड के जिला अस्पताल में केवल 30 डॉक्टर सेवारत, अब 100 बेड का एक और हॉस्पिटल खुलने पर 150 की और जरूरत होगी

शाजापुरएक महीने पहले
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जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण इलाज में हो रही है देरी। - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण इलाज में हो रही है देरी।

जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर सहित पुराने अस्पताल और जिले के सभी अस्पताल में कुल 30 डॉक्टर सेवारत हैं। जबकि जिला अस्पताल प्रशासन की मांग और जिले की आबादी के उपचार की सहूलियत के अनुसार 125 डॉक्टर्स जरूरी हैं। पिछले 10 साल से जिला अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ की कमी को लेकर यही हालात बने हुए हैं। अब जिला अस्पताल परिसर में ही एक नया अस्पताल निर्माण की शुरुआत हो गई है। अस्पताल निर्माण के बाद निश्चित ही जिले के लोगों की उम्मीदें जिला अस्पताल के प्रति बढ़ जाएगी और शासन स्तर पर सुविधाएं भी उपलब्ध होगी, लेकिन एक और बड़े अस्पताल में डॉक्टर्स की कमी की समस्या बढ़ने से अब तक जो उपचार लोगों को मिल रहा है, उसमें भी कमी आएगी।

जिला अस्पताल प्रशासन ने पिछले सत्र में 72 डॉक्टर्स के रिक्त पदाें को लेकर शासन को पत्र लिखकर अवगत कराया था। इसके एवज में सितंबर माह में तीन डॉक्टर्स की नियुक्ति पीएससी से चयनित होने पर शाजापुर में की गई। इसके बाद बीते महीने में 2 डॉक्टर्स और नियुक्त किए हैं। इनमें एक डॉक्टर मनोचिकित्सक एवं एक एमडी मेडिसिन चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर हैं। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण हालात स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स को अपने विभाग से ज्यादा इमरजेंसी ड्यूटी, ओवरटाइम और किसी डॉक्टर के छुट्टी जाने पर उनके स्थान पर काम ड्यूटी करना पड़ती है।

मनोचिकित्सक डॉ. प्रजापति बोले- इमरजेंसी एवं अन्य ड्यूटी के कारण विभाग पर ध्यान नहीं दे पा रहे
हाल ही में पदस्थ मनोचिकित्सक डॉ. धर्मेंद्र प्रजापति इंदौर के मानसिक चिकित्सालय से स्थानांतरित होकर शाजापुर आए हैं। प्रजापति का कहना है कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में से 30 प्रतिशत से ज्यादा मरीज मानसिक रोगी होते हैं। यहां भी यह स्थिति है, लेकिन जबसे शाजापुर पदस्थ हुए हैं, तब से सप्ताह में एक-दो बार ही अपने विभाग में बैठ पाया हूं। इमरजेंसी और अन्य ड्यूटी ज्यादा करना पड़ती है।

कई सालों से डॉक्टरों की कमी, अब और होगी जरूरत
सिविल सर्जन डाॅ. बीएस मैना का कहना है कि जिला अस्पताल में डॉक्टर्स की कमी के कारण अव्यवस्थाएं होती है। पिछले कई सालों से यही हालात बने हुए हैं। अब जब 100 बेड का एक और अस्पताल बन जाएगा तो 150 डॉक्टरों की जरूरत होगी। अस्पताल प्रशासन ने इस विषय पर शासन को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है।

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