अवैध उत्खनन को लेकर कार्रवाई के आदेश:​​​​​​​शाजापुर जिले में सड़कों के किनारे अवैध उत्खनन से बने गड्ढों के आसपास सुरक्षा के उपाय पंचायतें करें

शाजापुर2 महीने पहले
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शाजापुर जिले में अवैध उत्खनन के चलते हुए गड्ढों एवं कुंओं में पानी भरा होने से लगातार बच्चों के डूबने के मामले सामने आ रहे हैं। भास्कर ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था।भास्कर की खबर का असर एक बार फिर से हुआ है।

कलेक्टर दिनेश जैन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आबादी के नजदीक एवं सड़कों के किनारे अवैध उत्खनन से बने गड्ढों के आसपास सुरक्षा के उपाय संबंधित क्षेत्र की पंचायतें करें। साथ ही खनिज अधिकारी अवैध रूप से उत्खनन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करें।

कलेक्टर जैन ने कहा कि मानव जीवन के लिए खतरनाक बने अवैध उत्खनन से बने गड्ढे के आसपास सुरक्षात्मक उपाय करना आवश्यक है। देखने में आता है कि ऐसे अवैध उत्खनन के कारण बने गड्ढों में हर समय दुर्घटना की संभावना रहती है।

पंचायतें अपने क्षेत्र में इस तरह के अवैध उत्खनन होने पर रोकें तथा खनिज अधिकारी को सूचित करें। साथ ही खनिज अधिकारी भी अवैध उत्खनन करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करें। कलेक्टर ने कहा कि दुर्घटना का इंतजार किये बिना जीर्ण-शीर्ण विद्यालय, छात्रावास या अस्पतला सहित अन्य विभागों के भवनों को डिस्मेंटल कराएं। सड़कों के बीच या एकदम किनारे पर बने कुओं जिनसे हर समय दुर्घटना का अंदेशा रहता है, को भी समय रहते बंद कराएं।

अवैध उत्खनन के चलते जिले में लगातार हो रहे हादसे

कालापीपल तहसील के ग्राम भूरिया खजुरिया में तालाब के अंदर किए गए अवैध उत्खनन के कारण तीन बच्चों की जान चली गई। इसी साल दो अलग-अलग घटनाओं में अवैध उत्खनन के चलते पांच बच्चों की मौत हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदारों ने एक भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।

जिले में खनिज माफियाओं के इसी कारण हौसले बुलंद हैं, कहीं भी बिना अनुमति के अवैध उत्खनन कर राजस्व को हानि पहुंचा रहे हैं।

पहले भी पांच बच्चों की हो चुकी है मौत

भूरिया खजुरिया में हुई तीन बच्चों की मौत के पहले अक्टूबर 2021 में जिले के पलसावद गांव में रेलवे पटरी के पास नाले जैसा गड्डा था जिसमें दो बच्चों की मौत डूबने से हुई थी। इसके अलावा जून 2021 में गुलाना में तीन बच्चों की पानी से भरे एक गड्ढे में डूबने से मौत हुई थी, जिसमें दो सगी बहनें और एक ममेरे भाई की मौत हुई थी।

इसके पहले भी स्कूली बच्चों से भरी मारुति वैन स्कूल परिसर में ही बने कच्चे कुएं में गिर गई थी, जिसमें स्कूली बच्चों की मौत हुई थी। इसके बाद भी प्रशासन ने कड़े कदम नहीं उठाएं थे।