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बारिश की लंबी खेंच से किसान नहीं हो चिंतित:विभाग ने खेतों में निंदाई, गुड़ाई और सिंचाई की सलाह दी

शाजापुरएक महीने पहले
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मानसून की देरी और बारिश की लंबी खेंच के कारण किसानों को भारी नुकसान के आसार बन गए हैं। 25 जून से लेकर 7 जुलाई तक सोयाबीन की बुवाई तब करना उचित माना जाता है, जब 4-5 इंच बारिश होने के बाद जमीन में नमी हो जाए। जब तक बारिश ठीक से नहीं होती तकनीकी रूप से किसान खेतों में सोयाबीन की बुवाई नहीं करते हैं।

सोयाबीन के सीजन में समय पर बारिश होने की उम्मीद में 70 प्रतिशत से ज्यादा किसानों ने सोयाबीन की बुवाई कर दी है, लेकिन अब तक बारिश नहीं हुई है। इस कारण सोयाबीन बीजों का अंकुरण ठीक से नहीं हुआ है। अगले तीन-चार दिनों तक और भी बारिश होने के संकेत नहीं हैं, ऐसे हालात में सोयाबीन की फसल खराब हो सकती है। उप संचालक कृषि आरपीएस नायक ने इन हालातों से निपटने के लिए जिले के किसानों को सलाह दी है कि फसल को सूखे से बचाने और खेत की नमी बनाए रखने के लिए अन्तःसस्यकर्षण क्रिया जिसमें निंदाई, गुड़ाई, डोरा, कुल्पा चलाना आदि किया जाना चाहिए। पुरानी फसल के अवशेष गेहूं एवं चना का भूसा से पलवार लगाना जैसे उपाय भी अपनाना चाहिए।

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