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हेल्पलेस सीएम हेल्प लाइन:ये लाइन करप्ट है...क्योंकि 1 माह में 3181 शिकायतें कई मामले वापस लेने का दबाव

शाजापुरएक महीने पहले
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दस्तावेज दिखाते मुकेश सोलंकी। - Dainik Bhaskar
दस्तावेज दिखाते मुकेश सोलंकी।
  • खाद्य आपूर्ति, ऊर्जा व राजस्व विभाग की सबसे ज्यादा शिकायतें, बचने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहे अफसर

पुलिस व जिला प्रशासन की अव्यवस्थाओं के रूप में सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायतों का निराकरण शाजापुर जिले में अपने ही अंदाज में किया जा रहा है। बीते एक माह में तीन हजार से ज्यादा लोगों ने 181 पर कॉल कर अपनी समस्याएं रखी। इसमें से 2200 का निराकरण भी कर दिया।

सरकारी आंकड़ाें के इस खेल की भास्कर ने पड़ताल की तो बड़ी चौकाने वाली जानकारी सामने आई। दरअसल इन शिकायतों का निराकरण अफसरों के निर्देश पर छोटे कर्मचारियों द्वारा पीडितों को फुसलाकर तो कभी डराकर किया गया।

कुछ पीड़ितों ने तो यहां तक कह दिया कि उनकी शिकायतें दो-दो साल तक अटकी रही और अंत में ऐसी स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया कि दूसरी बार शिकायत भी नहीं कर सकते। ज्ञात रहे लॉकडाउन के दौरान 15 प्रतिशत स्टाफ के भरोसे प्रशासन की सारी व्यवस्थाएं चाैपट हो गई।

बड़ी बात यह सामने आई कि एक ही माह के अंदर तीन हजार से ज्यादा शिकायतें 181 पोर्टल के जरिए सीएम तक पहुंची। इसमें सबसे ज्यादा खाद्य आपूर्ति विभाग तो दूसरे नंबर पर ऊर्जा विभाग और तीसरे पर राजस्व विभाग की शिकायतें की गई।

अधिकारियों के अनुसार अधिकांश शिकायतों का निराकरण संतुष्टि पूर्ण कर दिया गया। महज 744 शिकायतें पेंडिंग है। वहीं दूसरी ओर बढ़ती शिकायत को लेकर पुलिस विभाग में ज्यादा तनाव दिखाई दे रहा है। एएसपी आरएस प्रजापति जिले के अलग-अलग थानों में पहुंचकर शिकायतों का निराकरण करने में लगे हुए हैं।

ढाई साल में भी निराकरण नहीं, नामांतरण अटका
मीरकलां बाजार निवासी मुकेश सोलंकी ने बताया उन्होंने राजनगर क्षेत्र में एक प्लाट खरीदा था। इसका नामांतरण कराने के लिए वह बीते ढाई साल से परेशान हो रहे हैं। उन्होंने इसे लेकर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत भी की थी, लेकिन लॉकडाउन के पहले पटवारी ने उन्हें फोन पर बहला फुसलाकर सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायत वापस करवा ली। इसके चार माह बीतने के बाद भी उनके प्लाट का नामांतरण नहीं हुआ। गुरुवार को एक बार फिर तहसीलदार राजाराम करजरे को नामांतरण का आवेदन देना पड़ा।
लूट की शिकायत वापस ले लो, हम कार्रवाई करेंगे
28 मार्च को आभूषण व्यापारी के साथ हुई 18 लाख की लूट में एक महीने से ज्यादा समय तक कार्रवाई नहीं होने पर लूट का शिकार हुए ग्राम पलड़िया निवासी माखन सोनी ने 9 मई को सीएम हेल्पलाइन पर मक्सी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने की शिकायत कर दी थी।

सीएम हेल्पलाइन पर हुई शिकायत के बाद मक्सी पुलिस ने पीड़ित को थाने बुलाकर यह कह दिया कि सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायत वापस ले लो, हम बहुत जल्द आरोपियों को पकड़ लेंगे। इसके बाद 28 मई को पीड़ित माखन सोनी ने सीएम हेल्पलाइन से अपनी शिकायत वापस ले ली।

इसके 15 दिन बाद भी जब मक्सी पुलिस लूट के आरोपियों का कोई पता नहीं लगा सकी तो आभूषण व्यापारी ने 13 जून को फिर से सीएम हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत दर्ज करवा दी। एसपी को भी इस मामले में पूर्व में आवेदन दिया था। लेकिन कोई सुनवाई नहीं होन पर यह कदम उठाया। शुक्रवार सुबह मक्सी थाने पहुंची एसडीओपी दीपा डोडबे ने व्यापारी से सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायत वापस लेने का सुझाव दिया, लेकिन पीड़ित ने इससे साफ इनकार कर दिया।

जिलाबदर करने की धमकी देकर ले लिए 70 हजार रुपए, शिकायत करते ही अधिकारियों ने लगाया फोन
पनवाड़ी निवासी भंवरबाई ने गुरुवार को ही सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार भंवरबाई के पति विक्रमसिंह को उकावता पुलिसकर्मियों द्वारा जिलाबदर करने की धमकी देते हुए ब्लैकमेल कर 70 हजार रुपए ले लिए।

इसके बाद भी लगातार डराया, धमकाया जा रहा है। इसके चलते भंवरबाई ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की तो तुरंत शाजापुर में बैठे अफसरों का फोन पहुंच गया। लेकिन उक्त मामले में जांच तक नहीं की, जबकि शिकायत आवेदन एसपी पंकज श्रीवास्तव को भी दिया गया।

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