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दूषित पानी से व्यापारी परेशान:ट्रामा सेंटर से निकलने वाले गंदे पानी से परेशान व्यापारी, शिकायतों के बाद भी अभी तक नहीं हो सका निराकरण

शाजापुर6 दिन पहले
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नारेबाजी करते हुए दुकानदार - Dainik Bhaskar
नारेबाजी करते हुए दुकानदार

शाजापुर के ट्रामा सेंटर से निकलने वाला सारा दूषित पानी नालियों के सहारे खुले में निकल रहा है। जिस वजह से एक दर्जन से अधिक दुकानदार परेशान हैं। दूषित पानी के कारण दुकानदारों का स्वास्थ्य तो बिगड़ ही रहा है। इसी के साथ, दुकान में लगे ताले भी काले पड़ रहे हैं। पीड़ित दुकानदार पिछले एक वर्ष से नगरपालिका और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत कर रहे हैं। लेकिन आज तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। परेशान दुकानदारों ने नारेबाजी करते हुए दूषित पानी से मुक्ति दिलाने की मांग की।

शाजापुर के बस स्टैंड इलाके में 15 महीने पहले ही ट्रामा सेंटर प्रारंभ किया गया। जिसमें शाजापुर जिले के अलावा पड़ोसी जिलों के मरीज भी उपचार के लिए आते हैं। ट्रामा सेंटर से निकलने वाले सीवरेज के पानी को नगरपालिका की खुली हुई नालियों से जोड़ दिया। ट्रामा सेंटर का सारा गंदा पानी नालियों में बह रहा है। जिस वजह से ट्रामा सेंटर के नजदीक बस स्टैंड इलाके के एक दर्जन से अधिक दुकानदार परेशान हैं।

दुकान में रखा सामान भी हो रहा खराब
ट्रामा सेंटर के पास व्यापार कर रहे व्यापारियों का कहना है कि नाले में बहने वाले रासायनिक और मरीजों के मल मूत्र का पानी स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है। क्योंकि पानी के दुष्प्रभाव का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि दुकान में रखा तांबे, पीतल का नया सामान भी नालियों के पानी से आ रही दुषित हवा की वजह से काले पड़ रहे हैं। रात के समय में दुकानों में लगने वाले तालों पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है।

कोरोना से भी चिंतित व्यापारी
पीड़ित व्यापारियों का कहना है ट्रामा सेंटर से कोरोना मरीजों और अन्य बीमारियों के मरीजों का भी गंदा पानी नालियों के माध्यम से खुले में बह रहा है, वहां के दूषित पानी की निकासी अलग जगह से करी जानी चाहिए। हम बार-बार सीएम हेल्पलाइन और नगरपालिका में शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।

भाजपा की नगर उपाध्यक्ष मधु दवे ने बताया कि मैने चार बार सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की, नगरपालिका सीएमओ को भी शिकायत की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह दूषित पानी फेफड़ों को खराब कर देगा, जब तांबे पीतल की वस्तुएं काली हो रही हैं। तो फिर इंसानों को कितना प्रभावित कर सकती है। इस समस्या को जल्द हल करना होगा।

बीएस मैना, सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय शाजापुर का कहना है कि मैंने कुछ दिन पहले ही चार्ज लिया है, और जल्द ही मैं इस समस्या को देखकर, उचित कदम लिया जाएगा।

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