श्रीकृष्ण व्यायामशाला के संस्थापक चांदमलजी की पुण्यतिथि पर आयोजन:33 साल पहले जान गवां कर दो बच्चियों को बचाने वाले रामजी की प्रतिमा का अनावरण

शाजापुर21 दिन पहले
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माल्यार्पण करते हुए पूर्व नपाध्यक्ष। - Dainik Bhaskar
माल्यार्पण करते हुए पूर्व नपाध्यक्ष।

दीपोत्सव की खुशियों के बीच शहर के लोग 33 साल पहले की काली रात को आज तक नहीं भूल पाए। इस दिन यानी 7 नवंबर 1988 धनतेरस को आजाद चाैक में पटाखों की दुकान में आग लगने की घटना के दौरान दो मुस्लिम बेटियों को बचाने के चलते शहर की एक अमूल्य धरोहर ने अपने प्राण निछावर कर दिए थे। यह धरोहर श्रीकृष्ण व्यायामशाला के संस्थापक रहे चांदमल राम थे।

शनिवार को शहर के बस स्टैंड पर श्रीकृष्ण व्यायामशाला के पहलवानों और ट्रस्ट्रियों द्वारा अखाड़ों का प्रदर्शन किया गया। मौका था रामजी की पुण्यतिथि अवसर का। इस दिन पर सर्व हिंदू उत्सव समिति ने शनिवार को बस स्टैंड पर रामजी की प्रतिमा का अनावरण किया। पूर्व विधायक पुरुषोत्तम चंद्रवंशी ने कहा कि चांदमल रामजी शहर की अमूल्य धरोहर थे, जो हर धर्म और संप्रदाय को समान मानते थे।

हर किसी के लिए किसी भी समय तत्पर रहते थे। उन्होंने कहा कि 7 नवंबर 1988 को धनतेरस के दिन आजाद चौक में पटाखों की दुकान में आग लग गई थी। इसमें दो मुस्लिम बालिकाओं को बचाने में उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया जा रहा है। कार्यक्रम को भाजपा जिलाध्यक्ष अंबाराम कराड़ा ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष दिलीप भंवर, नारायणप्रसाद पांडे, पूर्व विधायक अरुण भीमावद, समिति सचिव तुलसीराम भावसार, दीपक चौहान, पं. गोविंद शर्मा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप चंद्रवंशी, अनिल मालवीय, आशीष भावसार, पं. संतोष जोशी आदि उपस्थित थे।

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