ठेकेदारों ने काम रोका:निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध नहीं होने के बाद भी काम रोका

शाजापुर6 महीने पहले
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संंक्रमण के बीच शहर में होने वाले विकास कार्यों पर भी लॉकडाउन का असर दिखाई देने लगा है। जरूरी सीवरेज सिस्टम से लेकर नपा के नए भवन और चीलर नदी के सौंदर्यीकरण करने वाली एजेंसियां तर्क दे रही हैं कि लॉकडाउन की वजह से बाहर की लेबर नहीं आ रही है। जबकि नपा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निर्माण कार्यों को लेकर कोई रोक नहीं है, यह तो प्रशासनिक परिषद के डर से निर्माण कार्य रोके बैठे हैं, क्योंकि सभी काम कलेक्टर की नजरों में बने हुए हैं।
ज्ञात रहे नगर पालिका परिषद का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद नपा की जिम्मेदारी प्रशासक के रूप में कलेक्टर दिनेश जैन देख रहे हैं। राजनीतिक परिषद के अंतिम दिनों में ताबड़तोड़ विकास कार्यों के भूमिपूजन के साथ लोकार्पण भी किए थे, लेकिन पूर्व से चल रहे विकास कार्य 31 मार्च तक चलते रहे। वित्तीय वर्ष का लेखा जोखा हो जाने के बाद यह सभी काम बंद कर दिए। इससे अब लागत भी बढ़ सकती है। नपा सीएमओ के अनुसार काम बंद होने पर उन्होंने निर्माण एजेंसियों को नोटिस देने की तैयारी कर ली है।
इन काम पर दिखाई दिया लॉकडाउन का असर

यातायात थाना - लेबर नहीं मिल रही, फंड भी रुका है
बीते साल शहर के यातायात थाने के लिए आए बजट के बाद एसपी कार्यालय के पीछे थाने का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। इस थाने का 60-70 फीसदी निर्माण कार्य हो भी गया, लेकिन मार्च के बाद से इसकी रफ्तार धीमी हो गई और अब पूरी तरह बंद हो गया। आरआई विक्रमसिंह भदौरिया ने बताया कि निर्माण एजेंसी के अनुसार लॉकडाउन में लेबर नहीं मिल रही है, वहीं कुछ फंड भी रुका हुआ है।
नगर पालिका कार्यालय की सौगात भी अटकी
किराए के भवन में संचालित हो रही नगर पालिका के लिए करोड़ों रुपए की लागत से गांधी हाॅल के पीछे नया भवन बनाया जा रहा है। इसका निर्माण लगभग पूरा हो गया है। फिनिशिंग वर्क बाकी है। ऐसे में मार्च क्लोजिंग के बाद ठेकेदारों ने अपने बिलों का भुगतान कराने के बाद काम ठप कर दिया। बताया जा रहा है कि नपा के निर्माण करने वाली एजेंसियों को अब नई परिषद बनने का इंतजार है, क्योंकि कलेक्टर के प्रशासक होने के कारण छोटी सी भी चूक होने पर एजेंसियों को हर्जाना भुगतना पड़ सकता है।

सीवरेज सिस्टम भी अटका, खुदी पड़ी शहर की गलियां
शहर के गंदे पानी को नदी में मिलने से रोकने और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए पानी का दोबारा उपयोग करने के लिए सीवरेज सिस्टम डेवलप किया जा रहा था। इसके लिए कंपनी ने शुरुआत में तो जोर शोर से काम किया, लेकिन अब पूरा काम बंद पड़ा हुआ है। इसके चलते शहर की खोदी गई गलियों से लेकर मुख्य सड़कें ऐसी ही पड़ी हैं। इसके कारण लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।

पार्कों के काम रुके
शहर को साफ और स्वच्छ बनाने के साथ शहर के सौंदर्यीकरण के लिए नपा ने दो पार्कों को विकसित करने के लिए विशेष प्लानिंग की थी। इसके तहत चीलर नदी किनारे पड़े खाली स्थान को पार्क का रूप दिया गया। इसका काम पूरा होने के बाद छोटे छोटे काम शेष रह गए।

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