रुई में हुई अम्लीय वर्षा:पीली बूंदे बरसी;जानकार बोले - उद्योग की वजह से क्षेत्र में प्रदूषण ज्यादा, इसलिए हुई अम्लीय बारिश

उन्हेलएक महीने पहले
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गाड़ियों पर भी अम्लीय वर्षा के कारण  पीले व लाल रंग की बूंदें जमी दिखाई दी।  - Dainik Bhaskar
गाड़ियों पर भी अम्लीय वर्षा के कारण  पीले व लाल रंग की बूंदें जमी दिखाई दी। 

ग्राम रुई में अम्लीय वर्षा हुई। इसमें लाल और पीले रंग की बूंदें बरसी। इधर, ग्रामीणों ने इसे ईश्वर का चमत्कार माना। उनका कहना है कि कुछ दिनों पहले ही ग्राम में भगवान की प्राण प्रतिष्ठा हुई है, इसलिए ईश्वर ने केसर (लाल बूंदें) की बूंदें बरसाई हैं। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में अम्लीय तत्व अधिक हो जाने की वजह से वह इस तरह लाल-पीली बूंदों के रूप में बरसते हैं। ग्राम रुई गांव में शुक्रवार को वीरमणि शांतिनाथ जैन मंदिर में जैन समाज के 16 तीर्थंकर शांतिनाथ भगवान की प्रतिष्ठा हुई है। शुक्रवार की रात आैर उसके बाद भी अगली रात को ग्राम में रात के समय अम्लीय वर्षा हुई।

उन्हेल-उज्जैन स्टेट हाईवे-17 पर छोटा-सा गांव रुई है। जहां पर 400 वर्ष पुराना जैन मंदिर जीर्णशीर्ण अवस्था में था। वहां से विहार कर रहे अनुयोगाचार्य श्रीवीर रत्नविजय महाराज जा रहे थे और रुई जैन समाज व रुई के कुछ लोगों ने उनसे एक दिन रुकने का आग्रह किया, जिस पर महाराजश्री रुके। शांतिनाथ भगवान के दर्शन कर वह समाजजनों के साथ बैठे थे, तभी वहां के श्रावक शांतिलाल जैन एवं उन्हेल के राजू भाई ने महाराजश्री के समक्ष मंदिर जीर्णोद्धार का प्रस्ताव रखा। इसे महाराजश्री ने सहर्ष स्वीकार किया आैर सोमपुरा (आर्किटेक्ट) को बुलाकर मंदिर निर्माण की योजना बनाई।

एक वर्ष में मंदिर निर्माण पूर्ण हो गया आैर 10 दिसंबर को प्रतिष्ठा का मुहूर्त निकाला। महाराजश्री भी 4 दिसंबर को रुई पहुंचे और शुभ मुहूर्त में हर्षोल्लास से प्रतिष्ठा हुई। इसमें गांव रुई के कई जैनेत्तर भाइयों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। प्रतिष्ठा के बाद उसी रात्रि को गांव में लाल आैर पीले रंग की बूंदें बरसी। इसकी पुष्टि ग्राम सरपंच पप्पू यादव, रुई निवासी पानबिहार भाजपा मंडल के पूर्व अध्यक्ष करणसिंह पटेल, सुरेश चौहान, पारस जैन व मंगल दादा सहित कई लोगों ने की।

प्रदूषण की वजह से ऐसा हुआ

इधर, शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. आरपी गुप्त ने बताया नागदा में बड़े स्तर पर उद्योग होने के कारण नागदा-उन्हेल के आसपास प्रदूषण का स्तर ज्यादा रहता है। जिसकी वजह से हवा में केमिकल अम्ल जाकर घुल जाते हैं। जब यह नमी मिलती है तो यह केमिकल अम्ल लाल आैर पीली बूंदें बनकर बरसते हैं। दिल्ली जैसे नगरों में इस तरह की अम्लीय वर्षा आए दिन होती रहती है।

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