22 दिन से फरार मनीष चौरसिया आत्महत्या कांड का आरोपी:परिवारजनों और व्यापारियों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, बोले- जमानत याचिका हुई खारिज, फिर भी आरोपी बाहर

गंजबासौदा16 दिन पहले
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गंजबासौदा के पेट्रोल पंप व्यवसायी मनीष चौरसिया आत्महत्या कांड में कार्रवाई को लेकर शनिवार को मनीष के परिवारजनों और किराना व्यापारी संघ के सदस्यों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में फरार आरोपी संजू रघुवंशी को गिरफ्तार करने और सुसाइड नोट में लिखे अन्य लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

ज्ञापन में बताया कि शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी पेट्रोल पंप संचालक मनीष चौरसिया की संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से गिरोह ने सुनियोजित ढंग से उसे प्रताड़ित किया। प्रताड़ना से तंग आकर 16 अप्रैल को मनीष ने आत्महत्या कर ली। मनीष ने मरने से पहले आत्महत्या के कारणों के संबंध में 15 पेज का सुसाइड नोट भी लिखा था।

घटना स्थल पर कमरे की दीवार पर दोषियों के नाम भी मिले हैं। आरोपी संजू रघुवंशी और नागेश और उसकी पत्नी के खिलाफ स्पष्ट साक्ष्य होने के बाद भी पुलिस ने केवल मृतक की पत्नी को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी संजू रघुवंशी को अभी तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

मृतक मनीष चौरसिया 15 पन्नों के सोसाइट नोट में करीब डेढ़ दर्जन बार नागेश त्रिवेदी और उसकी पत्नी का नाम घटना में षड़यंत्रकारी के रूप में उल्लेखित है। पुलिस ने नागेश और उसकी पत्नी को घटना में अपराधी नहीं बनाया है। वहीं मनीष के बड़े भाई दीपक चौरसिया का कहना है कि घटना में सम्मिलित आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए अपराधियों की संपत्ति जब्त किए जाने और नष्ट किए जाने की भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

जमानत याचिका खारिज होने के बाद भी पुलिस मुख्य आरोपी को नहीं पकड़ पाई है। घटना के 22 दिन बाद भी पुलिस ने मुख्य आरोपी को नहीं पकड़ा है, जिससे पुलिस की कार्रवाई संदेहजनक है। परिवारजनों की मांग है कि आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और सुसाइड नोट में लिखे अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया जाए। ज्ञापन देते समय मुकेश जैन, सतीश महेश्वरी, राजीव जैन, दीपक तनवानी, आदेश जैन, नितिन शुक्ला सहित 50 से ज्यादा व्यापारी मौजूद रहे।

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