संभाजी महाराज की जयंती:मराठा समाज के लोगों ने कहा- आंख और जीभ काटने के बाद भी संभाजी ने नहीं स्वीकारा इस्लाम

गंजबासौदा8 दिन पहले
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मराठा एवं महाराष्ट्रीयन समाज के लोगों ने मानस भवन में छत्रपति शिवाजी के बेटे संभाजी राव की जयंती मनाई। समाजजनों ने संभाजी राव के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके द्वारा लड़ी गई लड़ाईयों पर चर्चा की।

नारायण सदाशिव पिंगले सेवा संस्थान के अध्यक्ष सुनील बाबू पिगले ने कहा कि वीर संभाजी मात्र 32 वर्ष जीवित रहे। इस अलपावधि में उन्होंने मुगलों के खिलाफ 210 युद्ध लड़े व सभी युद्धों में जीत हासिल की। वहीं जिला मानव अधिकार सुरक्षा एवं स्वास्थ संघठन के अध्यक्ष गणेश राम रघुवंशी ने कहा कि संभाजी जीवनपर्यंत मुगलों से संघर्ष करते रहे।

औरंगजेब के सैनिकों ने दी यातनाएं

औरंगजेब के सैनिकों ने संभाजी को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए यातनाएं दी। उनकी आंखें व जीभ निकाल दी। उनके नाखून तथा त्वचा को भी उखाड़ दिया गया, लेकिन संभाजी ने आखिरी सांस तक इस्लाम मजहब स्वीकार नहीं किया। धर्म के लिए अपना बलिदान दिया। इस मौके पर सुरेश देव, साधुराव मराठा, महेंद्र सिंह फौजी, विनीत नवाथे, महेंद्र सिंह सूर्यवंशी, संतोष देव, विलास देव, वीपोन देव, अनिल देव, शांतनु देव, सुनील अभ्यंकर, दीपक तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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