नेशनल लोक अदालत:समझाइश के बाद समझौता कर बुजुर्ग दंपती साथ रहने को राजी

विदिशा8 दिन पहले
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जिले में शनिवार को आयोजित हुई नेशनल लोक अदालत के तहत कुटुंब न्यायालय विदिशा में बुजुर्ग दंपती का भरण पोषण से संबंधित एक प्रकरण काफी समझाइश के बाद समझौते के सुलझ गया। इस दंपती का विवाह 40 वर्ष पूर्व हुआ था। इस प्रकरण में आवेदक 60 बुजुर्ग पत्नी ने अपने 65 वर्षीय पति के विरुद्ध भरण पोषण का दावा कुटुंब न्यायालय में प्रस्तुत किया था। बताया गया कि दंपत्ति की कोई संतान नहीं होने के कारण शादी के इतने वर्षों बाद भी उनके बीच छोटी-छोटी बातों पर विवाद होते थे।

इससे पत्नी अपने पति से अलग रहने लगी और पत्नी ने पति के विरुद्ध भरण पोषण का दावा कुटुंब न्यायालय में प्रस्तुत किया था। कुटुम्ब न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश एवं खंडपीठ के सदस्यों ने दंपती को समझाने के अनेक प्रयास किए। तब जाकर बुजुर्ग दंपती में समझौता हुआ। समझाइश के बाद दोनों पक्ष एक बार फिर साथ रहने को तैयार हो गए। लोक अदालत में पक्षकारों को समझौता करने पर फलदार पौधे वितरित किए गए।

लोक अदालत में 32 खंडपीठों पर 2780 प्रकरण आपसी समझौते से सुलझे
लोक अदालत के तहत जिले भर में गठित 32 खंडपीठों द्वारा 2780 प्रकरणों का आपसी समझौते के साथ निराकरण हुआ। लोक अदालत में आपराधिक शमनीय प्रकरण, सिविल प्रकरण, एनआई एक्ट के तहत प्रकरण, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण, राजस्व, वैवाहिक, विद्युत, जल एवं संपत्तिकर, बीएसएनएल व बैंकों के वसूली प्रकरण रखे गए थे। इनमें न्यायालयों में लंबित 1743 प्रकरण और प्रीलिटिगेशन के 1037 प्रकरणों का आपसी राजीनामे के आधार पर निराकरण किया गया है।

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