8 करोड़ 36 लाख की कटेगी राशि:वेयर हाउस की चाबियां छिपाकर गायब हो गए कर्मचारी, रास्ते में कर दिए गड्‌ढे

विदिशा2 महीने पहले
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सितंबर में विदिशा के वेयर हाउस में रखे गेहूं के उठाव के लिए एफसीआई ने निर्देश दिए थे। वेयर हाउस में रखा गेहूं ना उठ सके और किराया पूरा मिलता रहे इसके लिए संचालकों ने कई गड़बड़िया की। उन्होंने रास्ते बंद कर दिए, कर्मचारी गायब हो गए और चाबियां छिपा दी। इतना ही नहीं कुछ संचालकों ने जेसीबी से रोड और वेयर हाउस के बीच गड्ढे तक करा दिए थे ताकि गेहूं का उठाव ना हो। इस वजह से चार वेयर हाउसों का करीब 15 हजार टन गेहूं समय पर नहीं उठ सका था। ऐसा हुआ तो अधिकारियों ने बाकायदा पंचनामा बनाकर शासन को रिपोर्ट भेजी।

इस बात को एफसीआई ने गंभीरता से लिया और नागरिक आपूर्ति निगम को आदेश दिए। एफसीआई ने 15 सितंबर को गेहूं उठाव के निर्देश दिए थे। इसके लिए रेक लगी थी लेकिन वेयर हाउस से गेहूं का उठाव नहीं हो सका। इसके विरोध में नागरिक आपूर्ति निगम ने 24 नवंबर को वेयर हाउस कार्पोरेशन को पत्र जारी करके राशि काटने के निर्देश दिए। चारों वेयर हाउस में उस वक्त 15 हजार 417 टन गेहूं रखा था। इन चारों वेयर हाउस की 8 करोड़ 36 लाख 51 हजार रुपए राशि काटने के निर्देश नागरिक आपूर्ति निगम ने दिए हैं।

अन्नपूर्णा वेयर हाउस चक्क पाटनी : अन्नपूर्णा वेयर हाउस चक्क पाटनी में 5389 टन गेहूं उस वक्त रखा था। इस वेयर हाउस की 2 करोड़ 92 लाख 40 हजार 174 रुपए की राशि काटी जाएगी। यहां रखे गेहूं में कीट लग गए थे और रास्ता भी बंद था। एमएसडी वेयर हाउस हिरनई : एमएसडी वेयर हाउस हिरनई में 5390 टन गेहूं रखा हुआ था। इस वेयर हाउस से 2 करोड़ 92 लाख 45 हजार 600 रुपए की राशि काटी जाएगी। गेहूं में कीट लग गए थे और यहां का रास्ता भी खराब था।

राधाकिशन लाजिस्टिक पीपलखेड़ी: राधाकिशन लाजिस्टिक पीपलखेड़ी में 612 टन गेहूं रखा था। इस वेयर हाउस की 33 लाख 20 हजार रुपए की राशि कटेगी। यहां का रास्ता भी खराब था।

माता बलजीत कौर वेयर हाउस सियासी : माता बलजीत कौर वेयर हाउस सियासी में 4026 टन गेहूं रखा था। 2 करोड़ 18 लाख 44 हजार 672 रुपए की राशि कटेगी। यहां पर गेट नहीं खोले गए थे।

अंदर की बात... नेताओं और अफसरों के रिश्तेदारों के हैं कई वेयर हाउस
वर्तमान में सबसे ज्यादा नेताओं और अफसरों के नजदीकी रिश्तेदारों के वेयर हाउस हैं। किसानों और व्यापारियों के वेयर हाउस भी काफी संख्या में हैं। अभी स्टॉक भरने के बाद खाली करने में मोनोपॉली सिस्टम चलता आया है। कोई प्रभावशाली है तो गोडाउन सालभर भरा रहता है और मनमाना किराया लेता रहता है। जानकारी के अनुसार अब तक ये होता रहा है कि पहले भरने वाले गोडाउन 365 दिन भरे रहते हैं, जबकि सामान्य वाले चार महीने में खाली करा दिए जाते है। गेहूं के स्टॉक पर अभी 84 रुपए प्रति मीट्रिक टन का किराया दिया जाता है।

एफसीआई के निर्देश पर हो रही कार्रवाई "वेयर हाउस संचालक मनमानी करते हैं। सितंबर में रेक लगी थी। गेहूं का उठाव नहीं हो सका। सर्वोच्च एजेंसी एफसीआई है। उसके निर्देश पर ही कार्रवाई की जा रही है।''- अरुण जैन, जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम, विदिशा। पत्र आया है, जवाब भेजा है "नागरिक आपूर्ति निगम ने पत्र भेजकर राशि काटने के निर्देश दिए हैं। उस वक्त बारिश हो रही थी। हमनें परिवहन में आई दिक्कत की वजह बताकर जवाब भेजा है।" - नरेंद्रसिंह, जिला प्रबंधक, वेयर हाउस कार्पोरेशन, विदिशा।

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