बाढ़ पीड़ितों का रेस्क्यू, ग्राउंड रिपोर्ट:होमगार्ड और NDRF की टीमों ने 1783 बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित निकाला

कपिल जैन/विदिशा3 महीने पहले
रेस्क्यू करती NDRF की टीम

विदिशा जिले में बीते 3 दिनों से लगातार हो रही बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। तो वहीं, भोपाल के बांधों के गेट खुलने के बाद बेतवा नदी अपने उफान पर आ गई है। जिसके चलते बेतवा नदी चोरों तरफ फैलना शुरू किया तो उसकी चपेट में आसपास इलाके भी आ गए।

मंगलवार को बेतवा का पानी शहर के अंदर आ गया था। जिसके कारण जानकी कुंज, रामलीला, जतरापुरा, बाटर बक्स, रायुपरा बस्ती, नौलखी, नदीपुरा, बैस, रंगई, बैरखेडी अभी भी जलमग्न है। हालांकि प्रशासन ने बेतवा के बढ़ते जलस्तर को लेकर नदी के आसपास रहने वाले लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है। जिसके चलते बहुत से लोगों को रेस्क्यू किया जा सका था।

वहीं बासौदा तहसील के इमलिया गांव में NDRF और स्थानीय राजस्व प्रशासन की टीम ने 4 दिन के बच्चे को भी रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

4 दिन के बच्चे का रेस्क्यू
4 दिन के बच्चे का रेस्क्यू

होमगार्ड और एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू करने में लगी थी। जहां-जहां पता चल रहा था वहां होमगार्ड की टीम मोटर बोट के सहारे लोगों को निकाल रही थी। नौलखी क्षेत्र में एक युवक कल रात से फंसा था, जो एक ट्रैक्टर पर बैठा था, उसका घर मकान सब कुछ डूब चुका था। वहीं, चिरोल वाली माता मंदिर के पास एक महिला को भी रेस्क्यू किया गया। इसके अलावा एक मंदिर में फंसे पुजारी जो कमर कमर तक पानी में आ गए थे। एक रायपुरा बस्ती में एक मकान में एक घर बच्चियों सहित उनके परिवार का रेस्क्यू करके निकाला गया। जहां-जहां से जानकारी मिल रही थी। वहां से लोगों को निकाला जा रहा था। इस दौरान यह देखा गया कि जहां लोग आसानी से निकल सकते थे लेकिन वो भी बोट को बुला रहे थे। जिससे दूर-दराज के लोगों को रेस्क्यू करने में होमगार्ड की टीम को देरी हो रही थी। लगभग 5 हजार लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका था।