नगरपालिका चुनाव:बैठक: बेतवा नदी पर बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए बनाई रणनीति

विदिशा2 महीने पहले
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मुद्दाविहीन नगरपालिका चुनाव और शहर की समस्याओं के प्रति उम्मीदवारों की उपेक्षा को लेकर बेतवा उत्थान समिति के सदस्यों ने चिंता व्यक्त की है। यह बैठक मानव सेवा न्यास भवन में हुई। बेतवा नदी पर बढ़ते प्रदूषण को लेकर एक बैठक हुई। बैठक में वक्ताओं का कहना था कि बेतवा विदिशा की जीवनदायिनी है। इसके पानी का आचमन कर राजनेताओं ने बड़ी मंजिलें हासिल की है लेकिन बदले में बेतवा को उपेक्षा ही मिली है।

पुराणों में दूसरी गंगा के नाम से उल्लेखित इस नदी में चोरघाट नाले सहित छ: गंदे नालों का पानी मिलाया जा रहा है। घाटो पर इसका पानी स्नान लायक भी नहीं बचा है। पूजा सामग्री को प्रवाहित करने बेतवा उत्थान समिति विसर्जन कुंड निर्माण की मांग बरसों से करती रही है लेकिन जनप्रतिनिधियों की सोच बेतवा के प्रति दायित्वहीन रही है।

जबकि विदिशा शहर में स्थानीय निकाय के चुनाव आयोजित है लेकिन अभी तक किसी भी उम्मीदवार ने जीवनदायिनी बेतवा को प्रदूषण मुक्त करने की योजना को अपनी घोषणा में शामिल नहीं किया है जो चिंता का विषय है।

उम्मीदवारों को अपनी जवाबदेही तय करना चहिए
उम्मीदवारों को बेतवा के प्रति अपनी जबावदेही तय करना चहिए। आज नदी के किनारों से मिट्टी का कटाव इतना अधिक हो चुका है कि डर है कि कहीं नदी अपना मार्ग परिवर्तित न करले, इसके बचाव के लिये नदी के दोनों किनारों पर सघन वृक्षारोपण की आवश्यकता है। नदी को प्रदूषण मुक्त करने में स्थानीय निकाय की भूमिका जिम्मेदारी पूर्ण होनी चाहिए।

उम्मीदवारों को बेतवा को अपनी प्राथमिकता में शामिल कर ही शहर की जनता के पास वोट मांगने जाना चाहिए। सदस्यों ने तय किया कि यदि हालात नहीं सुधरे तो स्थानीय निकाय चुनाव उपरांत बेतवा के शुद्धिकरण के लिए एक व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा। बैठक में केएन गुप्ता, सीएल गोयल, महेंद्रसिंह रघुवंशी, नीलकंठ पंडित, अतुल शाह, सचिन तिवारी, विनोद शाह, प्रमोद व्यास, डा.सुरेश गर्ग, कपिल कुमार, पवन सेन, ऋषि अरोरा शामिल थे।

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