चुनाव को लेकर असमंजस:47 मतदान केन्द्रों पर पहुंचे अधिकारी, बिजली-पानी व्यवस्था जुटाने के निर्देश

सिरोंज13 दिन पहले
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प्रशासनिक अधिकारियाें ने मतदान केन्द्राें का निरीक्षण किया। - Dainik Bhaskar
प्रशासनिक अधिकारियाें ने मतदान केन्द्राें का निरीक्षण किया।

प्रशासन ने नगर पालिका चुनाव और पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। शनिवार को एसडीएम प्रवीण प्रजापति ने प्रशासनिक अमले के साथ शहर में बने मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया। वे नायब तहसीलदार सीके ताम्रकार, नपा सीएमओ प्रदीप भदौरिया और नपा अमले के साथ शहर के विभिन्न इलाकों में बने मतदान केन्द्रों पर व्यवस्था देखने के लिए पहुंचे।

शहर के 21 वार्डों में 47 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। जिन पर नपा चुनाव में मतदान होता है। एसडीएम ने इनमें से अधिकांश केन्द्रों पर पहुंच कर व्यवस्था संबंधी दिशा-निर्देश नपा अमले को दिए। केन्द्रों पर बिजली, पानी और रेम्प संबंधी समस्याओं का समाधान भी तुरंत करने की बात उन्होंने कही।

अधिकारियों ने मतगणना स्थल सहित चुनाव से संबंधित स्थलों का निरीक्षण कर जरूरी तैयारियों की समीक्षा भी की। नगर पालिका क्षेत्र में 21 वार्ड है। जिनकी मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन इसी महीने में ही हो चुका है। नपा के संभावित चुनाव में 36711 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। इनमें 18883 पुरूष और 17822 महिला मतदाता शामिल हैं। प्रशासन ने अवलोकन के लिए संबंधित मतदान केन्द्रों के बीएलओ को भी मतदाता सूची सौंपी है।

चुनाव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी शुरू तैयारियां
चुनाव आयोग ने जल्द ही पंचायत चुनाव करवाने की बात भी कही है। जिसके चलते प्रशासन ने यहां भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मतदान केन्द्रों को दुरूस्त करने संबंधी निर्देश जारी हो गए है। जिसमें पंचायत प्रमुखों से दो दिन के भीतर मतदान केन्द्रों के भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। हालांकि ग्रामीण नेता पूर्व के अनुभवों को देखते हुए चुनाव होने की संभावना को लेकर अभी भी असमंजस में हैं।

3 बार से नगर पालिका में है भाजपा का कब्जा
सिरोंज नगर पालिका में बीते चार चुनाव से भाजपा का कब्जा बना हुआ है। वर्ष 2004 में भाजपा नेत्री सुमनलता चौरे नपाध्यक्ष बनी थी। इसके बाद 2009 के चुनाव में भाजपा ने राजेन्द्र गर्ग नपाध्यक्ष बने। 2015 के चुनाव में जनता ने भाजपा नेत्री उर्मिला यादव को नपाध्यक्ष की कुर्सी सौंपी थी। इनके पहले दिग्विजयसिंह शासन काल में नपाध्यक्ष की कुर्सी पर कांग्रेस नेता जगदीश मंगल, पूरनचंद साहू और नारायण नगीना भी निर्वाचित हो चुके हैं।

दावेदारी खुलकर नहीं
नपा चुनाव में अभी यह तय नहीं हो सका है कि चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे या फिर अप्रत्यक्ष प्रणाली से। अभी पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस में नपा अध्यक्ष के संभावित दावेदार अभी अपनी दावेदारी खुल कर नहीं जात पा रहे हैं।

यदि अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव होंगे तो अध्यक्ष के दावेदारों को पहले पार्षद का चुनाव जीतना होगा। इस वजह से कई नेता अपनी दावेदारी सार्वजनिक करने से बच भी रहे हैं। हालांकि जो दावेदार हैं। उन्होंने जनता और कार्यकर्ताओं के बीच जाकर घुलना-मिलना शुरू कर दिया है।

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