विदिशा की आदर्श ग्राम पंचायत पथरिया से ग्राउंड रिपोर्ट:बदहाली और विकास के मुद्दे गायब; हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण से वोटरों को लुभाने की कोशिश

भोपाल2 महीने पहलेलेखक: नीलेंद्र पटेल

भोपाल से करीब 135 किमी दूर विदिशा जिले की ग्राम पंचायत पथरिया। इसे आदर्श ग्राम का तमगा मिला है। केंद्र सरकार की ओर से गांव के विकास के लिए फंड भी दिया गया है। लेकिन गांव में योजना के तहत ऐसा कोई काम नहीं हुआ जिससे उसकी आदर्श छवि झलके। दैनिक भास्कर का चुनावी रथ और टीम ने इस गांव की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। यहां जगह-जगह गंदगी के ढेर, टूटी नालियां और ऊबड़-खाबड़ सकड़ें देखने को मिली।

करीब दो हजार वोटरों वाली इस पंचायत में बदहाली और विकास का मुद्दा कहीं दूर छूट गए है। इसके उलट लोकसभा, विधानसभा चुनावों की तरह हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण की बिसात बिछाकर वोटरों को लुभाने की कोशिश हो रही है। पढ़िए आदर्श ग्राम पंचायत पथरिया की ग्राउंड रिपोर्ट

9 सौ मुस्लिम वोटर, डेढ़ हजार हिंदू वोटर
राजपुर गांव और पथरिया गांव को मिलाकर पथरिया ग्राम पंचायत बनी है। तीन हजार से अधिक आबादी वाले इस गांव में करीब 900 मुस्लिम वोटर हैं, डेढ़ हजार के करीब करीब हिंदू वोटर हैं। पिछले तीन बार से राजापुर गांव के प्रत्याशी ही सरपंची जीतते आए हैं। इस बार पांच प्रत्याशी सरपंच पद के लिए उम्मीदवार हैं। इनमें अफरोज जहां, रीना लेखराज, ताश बी, सईद भाई, संजय विश्वकर्मा ने सरपंच पद के प्रत्याशी हैं। रघुवंशी समाज सरपंच चुनने में किंगमेकर की भूमिका निभाएगा। करीब 600 वोटर रघुवंशी समाज के हैं।

गांव में सड़कें और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
गांव में सड़कें और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।

दो प्रत्याशियों के बीच हुई सीधी लड़ाई
ध्रुवीकरण का असर अब पंचायत में साफ दिख रहा है। अब चुनावी लड़ाई अफरोज जहां और रीना लेखराज के बीच है। गांव वालों का कहना कि ध्रुवीकरण का असर यह हुआ कि तीन प्रत्याशी चुप बैठ गए। मतलब-वोटिंग से पहले ही उन्होंने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वालों में दो मुस्लिम प्रत्याशी हैं, जबकि एक हिंदू प्रत्याशी। अब यह प्रत्याशी अप्रत्यक्ष तरीके से अफरोज जहां और रीना को समर्थन कर रहे हैं। 1 जुलाई को इस गांव में पंचायत चुनाव को लेकर वोटिंग होगी।

जो विकास करेगा उसे ही देंगे वोट
वोटों का ध्रुवीकरण करने के लिए असामाजिक तत्व भी सक्रिय हो गए हैं। वह वोटरों को यह कहकर बहका रहे कि हिंदू प्रत्याशी जीत जाएगा तो गांव से मुसलमानों को भागना पड़ेगा। वहीं हिंदू पक्ष के लोग कह रहे कि उनके जीतने पर जीना मुश्किल हो जाएगा। हालांकि वोटरों पर इसका असर कम ही हो रहा है। अधिकतर लोग यह कह रहे कि हम-हिंदू मुस्लिम के विवाद में नहीं पड़ेंगे। गांव का जो विकास कराएगा उसके पक्ष में वोट करेंगे।

गांव में हर जगह गंदगी। नालियां नहीं होने से सड़कों पर पानी बहता रहता है।
गांव में हर जगह गंदगी। नालियां नहीं होने से सड़कों पर पानी बहता रहता है।

सरपंच के वार्ड में ही गंदगी, सड़कें जर्जर
ग्राम पंचायत की वर्तमान सरपंच शकीला-बी हैं। लेकिन गांव में जर्जर सड़कें, कीचड़, टूटी-फूटी नालियां आदर्श गांव की पहचान हैं। हालात यह हैं कि वर्तमान सरपंच के मोहल्ले में भी यही हालात हैं। गांव के रहने वाले रोहित सेन बताते हैं कि सड़कों में कीचड़ होने की वजह से बच्चे अकेले स्कूल नहीं जा पाते। गांव के सरपंच, सचिव से इसकी शिकायत करने पर भी कोई सुधार नहीं हुआ।

बारिश में घरों में घुसता है पानी
इसी गांव के रहने वाले फैयाज खान बताते हैं कि पाइप लाइन डालने वाले ठेकेदार ने नालियों को खोद दिया। इसके बाद दोबारा निर्माण नहीं कराया गया। नली खराब होने से बारिश का पानी घरों में घुसता है। पीने का पाइप लाइन भी नालियों के बीच जा रहा है। जगह-जगह लीकेज होने से घरों में पीने का गंदा पानी आता है।