अस्पताल प्रशासन का अमानवीय चेहरा:गर्भवती महिला को अस्पताल से भगाया, इसलिए ऑटो में हो गई डिलेवरी

विदिशा2 महीने पहले
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शहर में बारिश हो रही थी, इस दौरान आदिवासी महिला को ऑटो में ही डिलेवरी हो गई। जिला अस्पताल के प्रशासन पर आरोप लगा है कि उसने प्रसूता और उसके परिजनों को अस्पताल से भगा दिया।

कांग्रेस नेता रतन सिंह यादव ने इस बात की जानकारी दी। उनके अनुसार उनके गांव के नजदीक अहमदपुर पथरिया में रहने वाले मजदूर प्रकाश आदिवासी की पत्नि कलाबाई को प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी कलाबाई को जिला अस्पताल के प्रसूती वार्ड में भर्ती कराया, जहां से अस्पताल स्टॉफ ने कलाबाई और उनके परिवार को वहां से भगा दिया। जिसके बाद परिवार दोपहर में बारिश होने के दौरान ऑटो से वापस अपने घर कागदीपुरा के लिए निकला, बीच रास्ते में ही ऑटो में महिला को प्रसव हो गया। रतन सिंह यादव ने घर पहुंचकर एम्बूलेंस बुलाई, जच्चा और बच्चा को जिला अस्पताल भिजवाया।

रतन सिंह यादव का कहना है कि जिला अस्पताल की घोर लापरवाही के चलते एक नवजात शिशु और प्रसूता की जान खतरे में आ गई है। इस बात की शिकायत एसपी से भी की है। उन्होंने कहा कि एसपी एक महिला हैं और वे एक प्रसूता की इस स्थिति को भली-भांति समझकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेगी।