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प्रशासन टीम ने बाल विवाह रुकवाया:परिजनों ने दिया अजीब तर्क- लड़का परेशान कर रहा था, इसलिए कर रहे थे शादी

विदिशा2 महीने पहले
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सरकार भले ही बाल विवाह को रोकने के लिए अभियान चला रही है लेकिन ग्रामीण इलाकों में बाल विवाह हो रहे है। ऐसा ही एक मामला आज देखने को मिला। विदिशा में एक बाल विवाह की शिकायत चाइल्ड लाइन को मिली। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन के साथ चाइल्ड लाइन की टीम ने मौके पर पहुंचकर बाल विवाह रुकवाया।

जिले के मणि चौबीसा गांव में एक बाल विवाह होने जा रहा था। जिसकी शिकायत चाइल्ड लाइन पर की थी। जिसके बाद जानकारी मिलते ही चाइल्ड लाइन की टीम ने पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर बालिका के घर पहुंच गई। इस दौरान पता चला कि बालिका का विवाह 2 दिसंबर को था। जब टीम ने वाले की मां से पूछताछ की तो बालिका की मां ने टीम को गुमराह करने की कोशिश की। जब टीम ने बच्चे के पिता से बात करना चाही तो मां ने झूठ बोला और कहा कि वह घर पर नहीं है जबकि वह घर के अंदर छुपे बैठे थे। टीम ने घर में जांच की तो वो घर में ही मिले। वहीं जब बच्ची के बारे में पूछा गया तो बच्ची की मां ने फिर झूठ बोला कि बच्ची मामा के यहां गई है जबकि बच्ची घर के अंदर ही मिली।

परिजनों से बालिका का जन्म प्रमाण पत्र मांगा गया तो मां ने डुप्लीकेट प्रमाण पत्र दिखाया, जिस पर 18 साल उम्र पूरी हो गई थी लेकिन दूसरे दस्तावेज की जांच की तो उसमें बालिका की उम्र 17 वर्ष 2 माह थी, जिससे साफ हो गया कि बच्ची नाबालिग है। चाइल्ड लाइन और प्रशासन की टीम ने बालिका के परिजनों को बाल विवाह नहीं करने की समझाइश दी गई और उन्हें चेतावनी दी गई कि अगर वह बाल विवाह करते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों ने दिए अजीबोगरीब तर्क

बालिका के परिजनों ने प्रशासन की टीम को बताया कि उनकी लड़की को एक लड़का परेशान करता है। जिसके कारण पहले बच्चे की पढ़ाई रुकवा दी थी। उन्हें इस बात का डर था कि कहीं उनकी लड़की उस लड़के के साथ भागकर शादी न कर लें। उन्होंने इसी डर के कारण बच्ची की कम उम्र में शादी कर रहे हैं।

गुलमोहर में रहेगी बालिका

बालिका के परिजनों की सुनने की बात परेशानी सुनने के बाद टीम ने बालिका को अपने संरक्षण में लिया गया और बाल कल्याण समिति के मौखिक आदेश पर बालिका को गुलमोहर में रखा जाएगा।

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