MCD चुनाव:इस बार महिलाओं की भागीदारी ज्यादा, आरक्षित व सामान्य सीटों पर भी दावेदारी

नई दिल्ली3 महीने पहलेलेखक: धर्मेंद्र डागर
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दिल्ली में इस बार महिलाओं की अधिक भागीदारी रहने की संभावना। - Dainik Bhaskar
दिल्ली में इस बार महिलाओं की अधिक भागीदारी रहने की संभावना।

दिल्ली में इस बार दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव में महिलाओं की अधिक भागीदारी रहने की संभावना है। क्योंकि महिला प्रत्याशी सामान्य सीटों पर टिकट लेने की कोशिशों में लगी हुई है। इसके लिए महिला प्रत्याशी अपना-अपना बाॅयोडाटा लेकर प्रदेश कार्यालयों के चक्कर लगा रही है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। इस बार एमसीडी चुनाव में आरक्षित सीटों के अलावा, सामान्य सीटों पर भी महिलाओं के चुनाव लड़ने की संभावना है। वहीं राजनीतिक दलों के प्रदेश पार्टी कार्यालयों से मिली जानकारी के मुताबिक एमसीडी चुनाव के लिए टिकट मांगने वाले प्रत्याशियों में महिलाओं की संख्या पुुरुषों के मुकाबले कम नहीं है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि सामान्य सीटों पर टिकट मांगने के लिए भी महिला प्रत्याशियों के बॉयोडाटा आ रहे है। लेकिन टिकट मिलना या ना मिलना प्रत्याशी की काबलियत, उसके द्वारा क्षेत्र में किए गए कार्याें और उसकी पहचान पर निर्भर करेंगा। बता दें कि इस साल नगर निगम के एकीकरण के बाद से 22 वार्डों की संख्या घटा दी गई है। इन वार्डों के क्षेत्रों को आसपास के अन्य वार्डों के साथ मिला दिया गया है।

वार्डों में आरक्षण तय, 125 सीटों पर महिलाएं चुनाव लड़ेंगी

दिल्ली नगर निगम के एकीकरण के बाद राज्य चुनाव आयोग ने वार्डों के आरक्षण को तय कर दिया था। कुल 250 वार्ड में 42 वार्ड अनुसूचित जाति के लिए तो 104 वार्ड सामान्य और 104 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया। इस प्रकार अब एमसीडी मेें 125 सीटों पर महिलाएं चुनाव लड़ेंगी।

​​​​​​​पूर्वकालिक तीनों निगमों में 272 वार्ड थे, एकीकरण के बाद इसकी संख्या 250 कर दी गई है। गृह मंत्रालय ने एमसीडी वार्ड के परिसीमन के लिए 17 अक्टूबर को अंतिम गजट अधिसूचना जारी की थी। जिसमें कहा गया था कि अब दिल्ली में नगर निगम वार्डों की संख्या 250 होगी।

दिल्ली नगर निगम के लिए वार्डों के नए सिरे से परिसीमन में 2011 की जनगणना का उपयोग किया गया है। इस बार दिल्ली एमसीडी में 42 सीटें अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व रखी जा रही हैं। गौरतलब है कि 2007 में दिल्ली नगर निगम में वार्डों की संख्या को 134 से बढ़ाकर 272 कर दिया गया था।

2012 में एमसीडी को तीन हिस्सों में बांटने के बाद भी दिल्ली नगर निगम में वार्डों की संख्या 272 ही थी। केंद्र ने इसी साल मई में दिल्ली के तीनों नगर निगमों को फिर से एक करके एकीकृत दिल्ली नगर निगम बनाने की घोषणा की थी।

आरोही व अवरोही क्रम में महिला/पुरुषों की आरक्षित सीटें

दिल्ली राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक 42 सीटें आरक्षित की गई है उसमें 21 सीटें अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित है। आरक्षित 42 वार्ड में आरोही क्रम में क्रम संख्या 1, 3, 5 पर आने वाले वार्ड संख्या को अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित किया है।

इसी तरह 2, 4, 6 पर आने वाले वार्ड संख्या को पुरूषों के लिए आरक्षित है। सामान्य वर्ग 208 सीटों पर महिलाओं और पुरुषों की 104/104 सीटें आरक्षित की गई है। उसमें भी आरोही क्रम में क्रम संख्या 1, 3, 5 पर आने वाले वार्ड महिलाओं, 2, 4, 6 पर आने वाले वार्ड पुरूषों के लिए आरक्षित है।

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