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पनबस मुलाजिमाें की बेमियादी हड़ताल का असर:अमृतसर डिपो से 150 बसें नहीं चलीं, 15 हजार लाेग हुए परेशान

अमृतसर20 दिन पहले
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प्रदेश भर में पनबस व पीआरटीसी के सभी डिपो के कच्चे मुलाजिमाें की ओर से शुरू की गई बेमियादी हड़ताल के कारण 2200 बसाें का चक्का जाम हुआ। इसी तरह अमृतसर एक व दाे डिपाे की 150 बसें भी राेड पर नहीं चली। जिसके चलते अमृतसर से 15 हजार यात्री प्रभावित हुए। सरकारी बसाें में मुफ्त यात्रा से 7 हजार महिलाएं वंचित रहीं। इनमें से कुछ ताे पंजाब राेडवेज की बहुत ही कम संख्या में चल रही बसाें में सवार हाेकर मुफ्त यात्रा की सुविधा ले सकीं जबकि ज्यादातर काे अपनी मंजिल पर पहुंचने लिए प्राइवेट बसाें में पैसे खर्च करके यात्रा करनी पड़ी।

रात 12 बजे से ही शुरू हुई हड़ताल के चलते पनबस की काेई भी बस नहीं निकलने कारण डेली पेसेंजर प्रभावित हुए। सरकारी अध्यापक अश्वनी ने बताया कि उसे स्कूल पहुंचने के लिए समय से काफी पहले घर से निकलना पड़ा। इसी तरह जालंधर जाने के लिए पहुंची जीत काैर ने कहा कि वह काफी देर से सरकारी बस का इंतजार कर रही हैं, अगर कुछ समय तक बस न मिली ताे उसे निजी बस में जाना पड़ेगा।

मुलाजिमाें ने मांगाें काे लेकर किया प्रदर्शन
अमृतसर डिपाे के गेट पर राेष रैली में प्रदेश सीनियर उप प्रधान जाेध सिंह, सिंह, डिपू प्रधान हीरा सिहं, सचिव शिवपाल सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार उनकी मांगाें पर ध्यान नहीं दे रही। मुलाजिमाें की तरफ से बेमियादी हड़ताल का नाेटिस भेजने के बावजूद सरकार ने उनके साथ बात नहीं की। जिसके चलते मजबूर हाेकर उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्हाेंने बताया कि अमृतसर के दाेनाें डिपूयाें में 350 मुलाजिम हड़ताल पर हैं।

रोडवेज के ऑिफस स्टाफ काे चलानी पड़ीं 27 बसें
पंजाब राेडवेज के पास दाेनाें डिपो में इस वक्त 27 बसें हैं। कच्चे मुलाजिमाें मुताबिक इन बसाें काे भी वह ही चलाते हैं, जबकि राेडवेज के मुलाजिमाें की ड्यूटी दफ्तराें में लगाई हुई है। अाज हड़ताल के कारण विभाग ने राेडवेज बसाें काे चलाने लिए स्टाफ काे उतारा है।

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