स्मार्ट सिटी का ‘राही’ प्रोजेक्ट:डीजल ऑटो को ई-ऑटो से बदलने पर 75 हजार कैश सब्सिडी मिलेगी

अमृतसर2 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
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  • दीवाली से पहले शुरू होगी ई-ऑटो स्कीम, मात्र 0.68 पैसे प्रति किलोमीटर सफर की कोस्ट पड़ेगी

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अमृतसर के 12 हजार ऑटो रिक्शा को ई-ऑटो के साथ बदलने की शुरुआत दिवाली से पहले हो जाएगी। रीज्युविनेसन ऑफ ऑटो रिक्शा इन अमृतसर थ्रू होलिस्टिक इंटरवेंशन) प्रोजेक्ट के तहत ई- ऑटो के साथ डीजल ऑटो बदलने के लिए 75 हजार रुपए की कैश सब्सिडी भी दी जाएगी। इस प्रोजेक्ट की कुल कोस्ट 108.33 करोड़ रुपए है, जिसमें फ्रेंच डेवेलपमेंट एजेंसी 80 करोड़ रुपए की ग्रांट देगी और बाकी 28.33 करोड़ रुपए स्मार्ट सिटी फंड से खर्च किए जाएंगे।

शहर में 25 जगह बनेंगे चार्जिंग स्टेशन- ई-ऑटो आने से ड्राइवरों की आय बढ़ेगी

डीजल के दाम बढ़ने के कारण मौजूदा समय में डीजल ऑटो चलाने पर प्रति किलोमीटर 4 रुपए कोस्ट पड़ती है, जबकि ई-ऑटो की 0.68 पैसे प्रति किलोमीटर कोस्ट पड़ेगी। इसके अलावा मेंटिनेंस कोस्ट भी कम रहेगी। जिसकी वजह से ई-ऑटो ड्राइवरों की कमाई में भी इजाफा होगा। इससे वायु प्रदूषण शून्य होने के साथ ही ध्वनि प्रदूषण भी नहीं होगाा। प्रोजेक्ट के तहत ई-ऑटो बनाने वाली कंपनियों का इन्पैनलमेंट स्मार्ट सिटी की ओर से शुरू हो चुका है। शहर में चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए 20-25 जगहों की पहचान की गई है।

9.9 फीसदी की दर से मिलेगा लोन

स्मार्ट सिटी अधिकारियों के मुताबिक ई ऑटो खरीदने के लिए आसान दरों पर लोन दिलाने के लिए स्टेट बैंक आफ इंडिया के साथ टाईअप किया गया है। जिसमें 9.9 फीसदी की दर से लोन मिलेगा। इस प्रोजेक्ट के जरिए अमृतसर देश का पहला ऐसा शहर बन जाएगा जोकि बड़े स्तर पर ई आटो को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का हिस्सा बनाएगा। गौरतलब है कि अमृतसर स्मार्ट सिटी इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा समय पर तैयार करने पर देश में दूसरे नंबर पर रहा था। जिसके लिए केंद्रीय आवास व शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव तथा स्मार्ट सिटी मिशन के डायरेक्टर कुणाल कुमार ने नगर निगम कमिश्नर मलविंदर सिंह जग्गी को सम्मानित भी किया था।

फरवरी 2019 में अमृतसर जिले को मिला था प्रोजेक्ट

अमृतसर स्मार्ट सिटी को फरवरी 2019 में यह प्रोजेक्ट मिला था। स्मार्ट सिटी के सीईओ व निगम कमिश्नर मलविंदर सिंह जग्गी के मुताबिक पहले फेज के बाद बाकी के ऑटो दूसरे फेज में बदले जाएंगे। वहीं पुराने बदले गए ऑटो स्क्रैप किए जाएंगे, ताकि वह दोबारा से शहर या किसी अन्य जगह पर न चल सकें। वहीं ई वाहनों को चार्ज करने के लिए शहर में‌ चार्जिंग स्टेशन लगाने के अलावा ऑटो रिक्शा ड्राइवर्स की वेलफेयर के लिए राही प्रोजेक्ट में योजनाएं बनाई जा रही हैं।

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