पंजाब पुलिस की कामयाबी:दो हैंड ग्रेनेड और पिस्टल के साथ एक युवक काबू, ग्रेनेड वही जिन्हें पठानकोट हमले में प्रयोग किया गया

अमृतसर5 दिन पहले
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रणजीत सिंह से बरामद हैंड ग्रेनेड्स। - Dainik Bhaskar
रणजीत सिंह से बरामद हैंड ग्रेनेड्स।

पंजाब में पठानकोट आर्मी कैंप पर हमले के 60 घंटे के बाद स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) ने एक युवक को हथियार और पी-86 दो हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार कर लिया है। SSOC की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार करके हथियार व हैंड ग्रेनेड बरामद कर लिए हैं। खास बात है कि यह वही हैंड ग्रेनेड है, जिससे पठानकोट कैंट के गेट पर ब्लास्ट किया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान तरनतारन के गांव सोहल निवासी रणजीत सिंह के रूप में हुई है।

पठानकोट में ब्लास्ट के बाद बम का ट्रिगर।
पठानकोट में ब्लास्ट के बाद बम का ट्रिगर।

डीजीपी इकबाल सिंह सहोता के अनुसार, SSOC की टीम को आरोपी के बारे में गुप्ता सूचना मिली थी। पुलिस ने उसके बाद से ही आरोपी के बारे में जानकारियां जुटानी शुरू कर दी। सूचना पक्की होने के बाद अमृतसर-तरनतारन रोड से आरोपी रणजीत सिंह को काबू कर लिया। आरोपी से दो हैंड ग्रेनेड और दो पिस्टल भी मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ आरोपी से हैंड-ग्रेनेड के बारे में पूछताछ की जा रही है। आरोपी ने बताया है कि उसे यह खेप पाकिस्तान से मिली थी और उसने जल्द ही एक वारदात को अंजाम देना था। जिसका संकेत व जानकारी उसे अभी मिलनी थी। फिलहाल एसएसओसी आरोपी को कोर्ट में पेश करके रिमांड ले सकती है। हिरासत में लेकर फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।

अमृतसर-तरनतारन रोड पर युवक से मिलीं पिस्टल और गोलियां।
अमृतसर-तरनतारन रोड पर युवक से मिलीं पिस्टल और गोलियां।

कौम दा राखा संस्था बना कर रहा था फंड इकट्‌ठा

आरोपी ने बताया है कि उसने कौम दा राखा नाम से संस्था बना रखी थी। जिसकी अवज में वह विदेशों से फंड इकट्‌ठे करता था। सोशल मीडिया के माध्यम से वह विभिन्न विदेशी संस्थाओं व गर्म ख्याली संगठनों से जुड़ा हुआ था। वह जल्द ही बार्डर एरिया में एक आतंकी घटना को अंजाम देकर माहौल को खराब करना चाहता था।

विरासती मार्ग पर लगे पुतलों को तोड़ने के लगे थे आरोप

जानकारी के अनुसार, यह रणजीत सिंह वही है, जिसने पिछले साल विरासती मार्ग पर लगे पुतलों को तोड़ा था। 15 जनवरी 2020 की रात को कुछ युवकों ने पुतलों को नुकसान पहुंचाया था और इन पुतलों को यहां से हटाने की मांग की थी। सरकारी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने के खिलाफ 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसमें रणजीत सिंह भी एक था।

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