तनाव पर भारी पड़ी आस्था:गुरु नानक देव जी के 552वें प्रकाश पर्व पर तुरखम बॉर्डर होते हुए अफगान सिख पहुंचे पाकिस्तान

अमृतसरएक वर्ष पहले
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अफगानिस्तान से सिख श्रद्धालुओं का जत्था पहुंचा पाकिस्तान। - Dainik Bhaskar
अफगानिस्तान से सिख श्रद्धालुओं का जत्था पहुंचा पाकिस्तान।

तालिबान के कारण पैदा हुई तनाव की स्थिति के बीच भी अफगानिस्तान के सिखों की आस्था कम नहीं हुई है। श्री गुरु नानक देव जी के 552वें प्रकाश पर्व से दो दिन पहले अफगानिस्तान से सिख जत्था पाकिस्तान पहुंचा है। पाकिस्तान बॉर्डर पार करने के बाद अफगान सिखों ने पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPK) को वीजा देने के लिए धन्यवाद किया है।

अफगानिस्तान में तालिबान के आने के बाद दूसरे धर्म के लोगों और अल्पसंख्यकों को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। पिछले माह ही काबुल के गुरुद्वारा कार्ते परवान पर हमला पर हमला किया गया था, जिसके बाद तनाव की स्थिति पैदा हुई और अंत में तालिबान सरकार ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन तनाव के बीच में भी सिख श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई है।

अफगानिस्तान में रहने वाले सिख लगातार अफगानिस्तान-पाकिस्तान के तुरखम बॉर्डर होते हुए पाकिस्तान पहुंच रहे हैं। अफगानिस्तान में रहने वाले सिखों का कहना है कि वे पिछले 10 सालों से बॉर्डर पार करके पाकिस्तान गुरुद्वारों के दर्शन करने पहुंचते हैं। इस बार तनाव की स्थिति थी, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान सरकार ने उन्हें आने की अनुमति दी, जिसके लिए वे उनके आभारी हैं।

17 को भारत से जाएगा सिख जत्था

दूसरी तरफ भारत से सिख जत्था 17 नवंबर को पाकिस्तान के लिए रवाना होगा। पाकिस्तान दूतावास के अनुसार, इस साल 3000 सिख श्रद्धालुओं को वीजा दिया गया है। 17 से 26 नवंबर तक सभी सिख श्रद्धालु पाकिस्तान के गुरुद्वारों के दर्शन कर पाएंगे।

करतारपुर कॉरिडोर खुलने की भी आस

दोनों देशों की सरकारें गुरुपर्व पर 19 नवंबर को या उससे एक दिन पहले करतारपुर कॉरिडोर खोलने की अनुमति दे सकती हैं। बीते दिनों सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रधान बीबी जगीर कौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर कॉरिडोर खोलने की मांग की थी। भाजपा नेता भी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मिलकर कॉरिडोर को खोलने की मांग रख चुके हैं।