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फर्जी डिग्री केस:चालान से नाम हटाने को 3 लाख रुपए मागंने वाले एएसआई-हवलदार काबू

अमृतसरएक महीने पहले
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  • विजलेंस ने अपने ही मुलाजिमों पर दिखाई सख्ती

विजिलेंस ब्यूरो रेंज अमृतसर ने बीए की जाली डिग्री मामले के आरोपी से चालान में नरमी बरतने के नाम पर 3 लाख रुपए मांगने वाले विजिलेंस के एएसआई और हवलदार को गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ब्यूरो ने राजेश गुप्ता निवासी अहमदाबाद की शिकायत पर एएसआई तेजिंदर बाली और हवलदार गुरविंदर सिंह पर केस दर्ज कर लिया है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि वह सुल्तानविंड में एकेडमी चलाता था। जहां कंप्यूटर क्लासों के अलावा 2009 से 2012 तक शिलांग यूनिवर्सिटी के लिए एडमिशन काउंसलर का काम भी करता रहा। रेग्युलर कोर्सेस के लिए स्टूडेंट्स की एनरोलमेंट फीस यूनिवर्सिटी को भेजता था। बदले में कमीशन मिलता था।

राजेश ने बताया कि वर्ष 2009-10 में मजीठा रोड बाइपास गांव पंडोरी वड़ैच निवासी लड़की का यूनिवर्सिटी में दाखिला कराया था। लड़की द्वारा बीए की डिग्री जाली होने की शिकायत पर बेटा सिद्धांत और उस के खिलाफ विजिलेंस ने 2016 में केस दर्ज किया था।

50 हजार रुपए रिश्वत लेकर भी किया था गिरफ्तार
विजिलेंस ने लुधियाना में उसके रिश्तेदार के घर रेड की। टीम ने उसे आैर बेटे सिद्धांत को बेटे की शादी तक गिरफ्तार नहीं करने के बदले उसके भाई से 50 हजार रुपए लिए। लेकिन विजिलेंस टीम ने बेटे सिद्धांत गुप्ता की शादी पर उन्हें पटियाला से पकड़ लिया।

रास्ते में विजिलेंस के हवलदार गुरविंदर सिंह ने बेटे की रिंग सेरेमनी की अंगूठी, चेन और रुपए ले लिए। ये चीजें लौटाई नहीं गई और न ही रिकाॅर्ड में रखीं। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस के मुलाजिम ने उनसे 2 लाख रुपए रिश्वत ली। आरोपी एएसआई तेजिंदर बाली और हवलदार गुरविंदर सिंह ने अकेडमी से बरामद सामान रिकवरी में नहीं दिखाया। आरोपी एएसआई बाली ने उसके बेटे व अन्य को चालान से निकालने के लिए 3 लाख रुपए मांगे। इस काम में हवलदार गुरविंदर सिंह भी उनके साथ था।

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