क्या दुश्मन देश कर रहा भारत की हवा जहरीली:पंजाब का एवरेज AQI 250 तो लाहौर का 443, हवा की दिशा भी पाकिस्तान से है

अमृतसर9 महीने पहले
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पंजाब की आबोहवा जहरीली हो चुकी है। इतनी जहरीली कि सेहतमंद व्यक्ति भी खांसे बिना नहीं रह सकता। बिना आंखों को कवर किए निकलो तो जलन होना लाजमी है। स्किन पर खारिश भी हो सकती है। लेकिन क्या पंजाब की आबो-हवा को पाकिस्तान जहरीला कर रहा है। सैटेलाइट व्यू भी देखें तो पाकिस्तान स्थित पंजाब से लेकर दिल्ली तक धुएं की सफेद चादर साफ दिखती है। लेकिन लाहौर का AQI पंजाब से लगभग दो गुणा है।

सेटेलाइट इमेज, जिसमें पंजाब से दिल्ली तक सफेद धूएं की चादर को देखा जा सकता है।
सेटेलाइट इमेज, जिसमें पंजाब से दिल्ली तक सफेद धूएं की चादर को देखा जा सकता है।

मिली जानकारी के अनुसार, लाहौर का AQI 443 पहुंच चुका है। लेकिन पंजाब का AQI 250 के करीब है। भारतीय अटारी बार्डर से लहौर की दूरी सिर्फ 28 किलोमीटर है। स्पष्ट है कि अगर लाहौर वीरवार को विश्व का सबसे प्रदूषित शहर आंका गया है तो इसकी आबो-हवा अमृतसर से दिल्ली तक भी प्रभाव डालेगी ही। इतना ही नहीं पंजाब में अधिकतम एवरेज AQI 275 दर्ज किया गया है, जो लुधियाना का है। वहीं दूसरी तरफ हवा की दिशा पाकिस्तान से भारत की तरफ है। पाकिस्तान के लाहौर की दूषित हवा पूरी तरह से चढ़ते पंजाब को नुकसान पहुंचा रही है।

पंजाब में पराली जलानी की घटनाएं 51 हजार के पार

शहर में पराली जलाने के मामले 51,417 हो गए हैं। बीते 24 घंटों में 4000 से अधिक मामले सामने आए हैं। वहीं दूसरी तरफ संगरूर में हालात बद से बदतर हैं और पराली जलाने में संगरूर पहले नंबर पर आ चुका है। संगरूर में एक दिन में 625 मामले सामने आए हैं। मोगा एक दिन में 479 मामलों के साथ दूसरे नंबर पर है। लुधियाना में 379 तो पटियाला में 378 मामले एक दिन में रिपोर्ट हुए हैं।

पंजाब में इस साल पराली जलाने में भी संगरूर पहले नंबर पर है। यहां 5387 मामले रिपोर्ट हो चुके हैं। फिरोजपुर इससे थोड़ा पीछे है, यहां 4807 मामले पराली जलाने के हो चुके हैं। लुधियाना में 4125, तरनतारन में 3819, पटियाला में 3558, बरनाला में 3390 और बठिंडा में 3092 मामले रिपोर्ट हुए हैं। अमृतसर में 1035 मामले पराली जलाने के सामने आए हैं। इसमें पठानकोट एक ऐसा शहर है, जहां मात्र 5 मामले ही अभी तक पराली जलाने के रिपोर्ट हुए हैं।