21 दिन से स्टाफ हड़ताल पर:दीपावली से पहले मंत्रियों से लेकर डिप्टी कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर तक, अटक सकती है सैलरी

अमृतसरएक महीने पहले
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  • कर्मचारी मनाएंगी काली दिवाली- 3.50 लाख कर्मचारियों सहित अमृतसर के 25 हजार मुलाजिमों की फंसेगी सैलरी

मांगाें को लेकर 21 दिन से लगातार चल रही पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल यूनियन सर्विसेज (पीएसएमएसयू) की पेन-डाउन स्ट्राइक से इस दिवाली मंत्रियों से लेकर 23 जिलों के डीसी-सीपी की सैलरी अटकेगी। 3.50 लाख मुलाजिमों का भी वेतन नहीं आएगा। मुलाजिमों ने 31 अक्टूबर तक स्ट्राइक बढ़ाने का ऐलान किया है। पीएसएमएसयू के समर्थन में 32 सरकारी महकमे के कर्मचारी हैं। जिनमें खजाना दफ्तर एसोसिएशन के कामकाज ठप रखने से प्रदेश के 300 डिपार्टमेंट के 3.50 लाख कर्मचारियों का 1800 करोड़ वेतन फंसेगा।

अमृतसर में करीब 25 हजार कर्मचारियों का 100.30 करोड़ रुपए वेतन बिल क्लीयरेंस लटका हुआ है। सरकारी विभागों के कुछ अफसरों व कर्मचारियों ने बुधवार को खजाना ऑफिस का चक्कर लगाया तो उनसे स्ट्राइक में सहयोग की अपेक्षा कर वापस लौटाना पड़ा। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि 21 दिनों से लगातार जायज मांगों को लेकर संघर्ष किया जा रहा है, लेकन सुनवाई नहीं हो रही।

मांगें न मानीं तो वेतन अपने पास ही रखे सरकार

मुलाजिमों ने कहा कि नए सीएम से उम्मीद थी कि मांगे पूरी हो जाएंगी। लेकिन उनके पास बात करने का भी समय नहीं है। कर्मचारियों ने इस बार काली दिवाली मनाने का फैसला किया है। यदि मांगे पूरी नहीं होती हैं, तो मुलाजिमों का वेतन भी सरकार अपने पास ही रखे। विधानसभा चुनाव-2022 को लेकर डिप्टी सीएम, कैबिनेट मंत्री से लेकर जनप्रतिनिधि मीटिंग करने में व्यस्त हैं। सिर्फ कर्मचारियों और लोगों से मिलने का समय उनके पास नहीं निकलता है।

मांगें पूरी नहीं होने तक स्ट्राइक- प्रधान
डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट के प्रधान अश्वनी अवस्थी ने कहा कि सालों से संघर्ष कर हरे मुलाजिमों के हित में फैसला नहीं लिया जा रहा। कर्मचारी इस बार सरकार के विरोध में काली दिवाली मनाएंगे।

जायज मांगें पूरी करे सरकार- प्रधान
डीसी इंप्लाई यूनियन के प्रधान अश्नील शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों ने सरकार के आश्वासन के बाद काम शुरू किया। लेकिन झूठे वादों से भरोसा टूटा है। कर्मचारियों ने स्ट्राइक बढ़ाने का निर्णय लिया है।

कर्मचारियों की समस्याएं जल्द हल कराएंगे- वेरका

कर्मचारियों से बातचीत करेंगे और उनकी समस्याएं हल कराएंगे। सरकार के ध्यान में कर्मचारियों की सभी मांगे हैं। निर्णय लेने के लिए बातचीत का दौर भी चल रहा है।
- राजकुमार वेरका, कैबिनेट मंत्री

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