एप डाउनलोड करवाकर खाते से उड़ाए 2 लाख रुपए:अमृतसर में युवक के मोबाइल में नहीं चल रहा था SBI एप, इंटरनेट से लिया कस्टमर केयर का नंबर निकला ठगों का; ANYDESK से उड़ाई रकम

अमृतसर10 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
किसी भी एप का इस्तेमाल करने से पहले उसकी जानकारी जरूर ले लें। - Dainik Bhaskar
किसी भी एप का इस्तेमाल करने से पहले उसकी जानकारी जरूर ले लें।

अमृतसर में एक एप के जरिए युवक के खाते से ठगों ने 2 लाख 14 हजार रुपए निकाल लिए। ओल्ड खासा इलाके के रहने वाले रविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने नया फोन लिया था, जिसके बाद उनके फोन पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का योनो एप नहीं चल रहा था। उन्होंने गूगल पर योनो कस्टमर केयर लिखकर सर्च किया। उनकी स्क्रीन पर जो नंबर दिखा उस पर उन्होंने कॉल किया।

वो नंबर किसी बैंक के कर्मचारी का नहीं बल्कि ठगों का था, ठगों ने उन्हें ऐनी डेस्क नाम का एप डाउनलोड करने के लिए कहा। जिसके बाद आरोपियों ने 15 अगस्त को रविंदर सिंह के हिमाचल प्रदेश जसूर के SBI बैंक के खाते से 1 लाख 79 हजार रुपए निकाल लिए। रविंदर को समझ आ गया कि उनके साथ ठगी हो गई है। उन्होंने तुरंत एप को डिलीट कर दिया। इसके बाद बैंक को भी शिकायत की। लेकिन बैंक ने उनका अकाउंट ब्लॉक नहीं किया। जिसके बाद 16 अगस्त को उनके एकाउंट से फिर 35 हजार रुपए निकाल लिए गए ।

रविंदर सिंह कभी बैंक और कभी साइबर सेल के चक्कर काट रहे हैं, ताकि ठगों से उनकी मेहनत की कमाई वापस आ सके। रविंदर सिंह की शिकायत पर अब कंटोनमेंट थाना की पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ IT एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।

ऐनी डेस्क एप के बारे में जानकारी
ऐनी डेस्क एक ऐसा एप है, जिससे किसी के भी कंप्यूटर और मोबाइल को भी हैक किया जा सकता है। इसके लिए सामने वाला व्यक्ति आपके ऐनी-डेस्क एप में दिख रहे नंबर को मांगेगा। जैसे ही वो नंबर को फीड करके ओके करेगा, आपके सामने यस और नो का ऑप्शन आएगा। यस का बटन दबाते ही कंप्यूटर और मोबाइल को हैक कर लेता है।

रविंदर से हुई गलती
एप के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण रविंदर से ये गलती हुई, जब तक उसे पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है उसने तुरंत एप को डिलीट कर दिया। एप्प तो फोन से डिलीट हो गया, लेकिन ऐनी-डेस्क के कारण उसका फोन ठगों के साथ कनेक्ट रहा। रविंदर अगर एप को डिलीट करने की जगह कनेक्टेड डिवाइज को लॉग आउट करता तो उसके खाते से दूसरी बार पैसे नहीं निकले।

खबरें और भी हैं...