करतारपुर साहिब से लौटा CM चन्नी का काफिला:बोले- दर्शन की अनुमति ले चुके लोगों के लिए फ्री बसें चलाएंगे, कॉरिडोर से जाने प्रक्रिया सरल बने

अमृतसर9 महीने पहले
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पाकिस्तान में गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन कर लौटते CM चन्नी। - Dainik Bhaskar
पाकिस्तान में गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन कर लौटते CM चन्नी।

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का काफिला कॉरिडोर से जाकर ऐतिहासिक गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन के बाद शाम को पाकिस्तान से लौट आया। चन्नी ने लौटने के बाद घोषणा की कि पंजाब सरकार दर्शन के लिए अनुमति ले चुकी संगत को कॉरिडोर तक ले जाने के लिए फ्री बसें चलाएगी। इस सेवा को जल्दी शुरू कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि वह गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में अरदास करके आए हैं कि दोनों देशों की सीमाएं खुलें और व्यापार शुरू हो। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से कॉरिडोर से जाकर दर्शन करने की प्रक्रिया को और सरल बनाने की मांग की है। चन्नी ने कहा कि प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए कि जो भी चाहे वह दर्शन करके ही लौटे।

गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में लंगर छकते सीएम चन्नी और अन्य नेता।
गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में लंगर छकते सीएम चन्नी और अन्य नेता।

उनके साथ गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में दर्शन करने के लिए वित्त मंत्री मनप्रीत बादल, मंत्री राणा गुरजीत सिंह सोढ़ी, विजयेंद्र सिंगला, कैबिनेट रैंक प्राप्त महेंद्र सिंह केपी, विधायक बरिंदर मीत सिंह पड्‌डा और अमृतसर के मेयर कर्मजीत सिंह रिंटू गए थे। कॉरिडोर में इमीग्रेशन संबंधी वेरिफिकेशन के बाद सभी पाकिस्तान पहुंचे।

इस दौरान चन्नी अपने परिवार के साथ कॉरिडोर पहुंचे। उन्होंने इस अवसर पर सभी को गुरु पर्व की शुभकामनाएं दीं। चन्नी ने इस अवसर कॉरिडोर खोलने के फैसले पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह पंजाब सरकार की ओर से गुरुघर में हाजिरी लगवाने जा रहे हैं। कॉरिडोर दोबारा खुला है, अब सभी गुरु नानक नामलेवा और हिंदुस्तान से जाने वाले अन्य लोगों के लिए मौका मिला है कि वह गुरुघर जाकर आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।

करतारपुर कॉरिडोर फैमिली समेत पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी।
करतारपुर कॉरिडोर फैमिली समेत पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी।

मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी सबसे बाद में कॉरिडोर में पहुंचे। उनसे पहले पहुंचे मनप्रीत बादल ने हाथ जोड़कर गुरुनानक देव का धन्यवाद कर कुछ भी कमेंट करने से इनकार कर दिया। वहीं मेयर रिंटू ने कहा कि वह पंजाब की खुशहाली के लिए अरदास करेंगे। महेंद्र केपी ने कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि उन्हें दर्शन दीदार करने का मौका मिल रहा है। मन में श्रद्धा लेकर जा रहे हैं। वहीं विधायक पड्‌डा ने कहा कि परमात्मा नेताओं को सद्बुद्धि दें ताकि वो काले कृषि कानूनों को जल्दी रद्द करें।

गौरतलब है कि कॉरिडोर खुलने की घोषणा के साथ ही सबसे पहले सीएम चन्नी ने करतारपुर साहिब में दर्शनों की इच्छा जाहिर की थी। वहीं शुक्रवार को डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा, तृप्त राजिंदर बाजवा, काका रणदीप नाभा, भारत भूषण आशु और राजकुमार वेरका पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा जाएंगे। वहीं शनिवार को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू, मंत्री परगट सिंह, अरुणा चौधरी, डिप्टी सीएम ओपी सोनी, संगत सिंह और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग कॉरिडोर से पाकिस्तान दर्शन करने जाएंगे। वहीं पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी भी शनिवार को ही जाएंगे।

करतारपुर साहिब जाने के लिए कॉरिडोर पहुंचे वित्त मंत्री मनप्रीत बादल।
करतारपुर साहिब जाने के लिए कॉरिडोर पहुंचे वित्त मंत्री मनप्रीत बादल।

वहीं फिलहाल वे श्रद्धालु करतारपुर साहिब दर्शनों के लिए जा रहे हैं, जिन्होंने डीसी कार्यालय से स्पेशल परमिशन ली है। बुधवार को करीब 25 श्रद्धालुओं ने करतारपुर साहिब में स्पेशल परमिशन के बाद माथा टेका था। सुबह 9 बजे के बाद श्रद्धालु करतारपुर कॉरिडोर से गुरुद्वारा साहिब के लिए गए, लेकिन शाम 5 बजे से पहले उनका भारतीय सीमा में दाखिल होना जरूरी होता है।

बुधवार को करतारपुर साहिब से लौटे श्रद्धालुओं ने बताया कि उनका स्वागत फूलों के साथ किया गया था। उनके अलावा सिंध से भी 500 से अधिक श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचे थे, जो पंजाब से आने वाले हर श्रद्धालु को गले लगाकर भावुक हो रहे थे।

दूसरी तरफ https://prakashpurb550.mha.gov.in/kpr/ पर गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व 19 नवंबर के लिए चल रहे रजिस्ट्रेशन फुल हो गए हैं। अब 20 नवंबर और इससे आगे की तारीखाें के लिए रजिस्ट्रेशन जारी हैं।

करतारपुर कॉरिडोर में दाखिल होने के बाद भारतीय इमिग्रेशन विभाग जांच करता है।
करतारपुर कॉरिडोर में दाखिल होने के बाद भारतीय इमिग्रेशन विभाग जांच करता है।

RT-PCR टेस्ट रिपोर्ट जरूरी
दोनों देशों की सरकारें RT-PCR टेस्ट रिपोर्ट पर अधिक जोर दे रही हैं। बुधवार को दो श्रद्धालुओं को सिर्फ इसलिए वापस भेज दिया गया, क्योंकि उनके पास RT-PCR टेस्ट की रिपोर्ट नहीं थी। इस टेस्ट के अलावा हर जाने वाले श्रद्धालु के पास दोनों डोज का सर्टिफिकेट भी होना जरूरी है। इतना ही नहीं पाकिस्तान दाखिल होने के बाद भी रैपिड एंटीजन टेस्ट किया जाता है।

पाकिस्तान बॉर्डर पर भी बस करती है श्रद्धालुओं का इंतजार
करतारपुर कॉरिडोर में दाखिल होने के बाद भारतीय इमिग्रेशन विभाग जांच करता है। यहां भी RT-PCR टेस्ट की रिपोर्ट के अलावा पासपोर्ट, आधार कार्ड और शख्स की जांच होती है। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं को ई-कार्ट पर बैठाकर पाकिस्तान बॉर्डर तक ले जाया जाता है। वहां पाकिस्तान की बस श्रद्धालुओं को इमिग्रेशन काउंटर तक लेकर जाती है। यहां डॉक्यूमेंट दोबारा चेक होते हैं, जिसके बाद ई-कार्ट सीधा ही करतारपुर साहिब ले जाती है।

भारतीय श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से हो रहा स्वागत
भारतीय श्रद्धालुओं का पाकिस्तान में काफी गर्मजोशी से स्वागत हो रहा है। भारत से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की गिनती काफी कम है, लेकिन गुरु पर्व होने के कारण पाकिस्तान में बसे सिख श्रद्धालुओं की गिनती अधिक है। सिंध से काफी सिख श्रद्धालु करतारपुर साहिब दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं।

करतारपुर कॉरिडोर में चल रहा रिपेअर का काम।
करतारपुर कॉरिडोर में चल रहा रिपेअर का काम।

श्रद्धालुओं के लिए रिपेअर का काम पूरा
गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से करतारपुर कॉरिडोर खोले जाने की घोषणा के बाद से ही यहां लगातार रिपेअर का काम चल रहा है। 20 महीनों तक खाली रहने वाली सड़कों पर पड़े गड्‌ढों को भरने के लिए पैचवर्क किया जा रहा है। इतना ही नहीं करतारपुर कॉरिडोर को लाइटों से सजाने का काम भी चल रहा है।

सुरक्षा की गई है चाक चौबंद
एसएसपी बटाला मुखविंदर सिंह भुल्लर ने बताया कि बॉर्डर होने के चलते सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता किए गए हैं। 700 से अधिक पुलिसकर्मी यहां मौजूद रहेंगे। खास ध्यान श्रद्धालुओं का भी रखा जा रहा है, ताकि उन्हें किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े। बीएसएफ और पुलिस मिलकर इस पूरे इलाके की सुरक्षा में जुटी हुई हैं।