मुद्दे गायब:निगम हाउस की मीटिंग से ‘शहर के मुद्दे’ गायब; 85 में से 56 पार्षद पहुंचे, सिर्फ 8 ने ही रखी बात

अमृतसरएक महीने पहले
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  • विधानसभा चुनाव से पहले हुई बैठक में किसी पार्षद ने नहीं उठाया डेढ़ साल से लटके 48 मेन सड़कों के निर्माण और वाटर-सीवर सप्लाई न होने का मसला

शहर के विकास को लेकर मंगलवार को 5 महीने बाद हुई नगर निगम हाउस की बैठक में भी जनप्रतिनिधियों की शमूलियत बहुत कम दिखी। बैठक में शहर के 85 वार्डों में से 56 पार्षद ही पहुंचे। वहीं इन 56 पार्षदों में से भी विपक्ष के 2 पार्षदों समेत 8 ने ही अपनी बात रखी, बाकी मूकदर्शक बने रहे। शहरवासियों को उम्मीद थी कि उनके चुने जनप्रतिनिधि डेढ़ साल से शहर की 48 मुख्य सड़कें बनाने के लटके काम, कई वार्डों में सीवरेज ब्लाॅक-गंदे पानी की शिकायतों से जुड़े मुद्दे उठाएंगे। मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ। 1 घंटा 5 मिनट में ज्यादातर सत्ताधारी पार्टी के पार्षदों ने ही एजेंडे पर विचार और एेतराज रखे। मीटिंग में 7 टेबल एजेंडों सहित 57 एजेंडे रखे गए, जिनमें से एजेंडा आइटम नंबर 9,18,35 पेंडिंग रखे गए।

वहीं गुमानपुरा के नजदीक बाईपास छेहर्टा में बनाई जा रही गौशाला को किसी रजिस्टर्ड संस्था/गौशाला को देने के प्रस्ताव पर कमेटी बनाते हुए उनकी सिफारिशों के अनुसार गौशाला का जिम्मा एनजीओ को दिए जाने का फैसला लिया गया। मेयर ने इस कमेटी में सीनियर डिप्टी मेयर रमन बख्शी को चेयरमैन, पार्षद विकास सोनी को को चेयरमैन और पार्षद सुरिंदर चौधरी को मेंबर रखे जाने की घोषणा की।

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