ढोल पर नाच रहा हरजिंदर का पूरा गांव:पिता साहिब सिंह बोले- हमने बेटी को इस मुकाम तक पहुंचा दिया, अब सरकारों को सोचना चाहिए

अमृतसर4 महीने पहले
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हरजिंदर कौर के माता-पिता का मुंह मीठा करवाने के लिए पूरा गांव उनके घर पहुंचा। - Dainik Bhaskar
हरजिंदर कौर के माता-पिता का मुंह मीठा करवाने के लिए पूरा गांव उनके घर पहुंचा।

पंजाब में पटियाला जिले का मेहस गांव मंगलवार सुबह से ढोल पर नाच रहा है। और नाचे भी क्यों न... गांव की बेटी हरजिंदर कौर ने सात समंदर पार, इंग्लैंड के बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG 2022) में ब्रॉन्ज मैडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। हरजिंदर कौर ने CWG-2022 में 71 किलोग्राम भारवर्ग में 212 किलो वेट उठाकर यह पदक देश के नाम किया।

गांव में दाखिल होते ही ढोल की आवाज सुनाई देने लगती है। पूरे गांव में खुशी का ऐसा माहौल है कि हरजिंदर कौर का घर ढूंढने के लिए किसी से रास्ता पूछने की जरूरत नहीं पड़ती। मंगलवार सुबह से लोग मेहस गांव में हरजिंदर कौर के पिता साहिब सिंह के घर बधाइयां देने पहुंच रहे हैं। हरजिंदर के घर में भी हर कोई नाच रहा है।

हरजिंदर कौर के पिता साहिब सिंह हर आने वाले का स्वागत बड़ी सी मुस्कुराहट के साथ जफ्फी (गले लगाना) डालकर कर रहे हैं। छोटे से इस घर में किसी महल के समान खुशियां मनाई जा रही हैं। फ्रेम में जड़े हरजिंदर कौर के मैडल्स उसके माता-पिता और भाई-बहन जेवरात की तरह संभाल रहे हैं।

पटियाला के मेहस गांव में बना हरजिंदर कौर का घर।
पटियाला के मेहस गांव में बना हरजिंदर कौर का घर।

सरकार अपना फर्ज निभाए

साहिब सिंह ने कहा कि उन्हें ही नहीं बल्कि पूरे गांव और देश को हरजिंदर कौर की जीत की खुशी है। जब हरजिंदर कौर ने स्पोर्ट्स को चुना तब उनके परिवार की हालत बहुत अच्छी नहीं थी। हरजिंदर के स्पोर्ट्स में जाने की भी अलग कहानी है। दरअसल एक जानकार के कहने पर उनकी बेटी स्पोर्ट्स में गई। उसके बाद कुछ जोर उन्होंने लगाया और बाकी मेहनत हरजिंदर ने की। धीरे-धीरे बेटी मैडल जीतने लगी।

साहिब सिंह कहते हैं कि उन्होंने अपना सबकुछ झोंककर बेटी को इस मुकाम तक पहुंचा दिया। अब सरकारों का फर्ज बनता है कि हरजिंदर कौर को उसकी मेहनत का फल दिया जाए। साहिब सिंह ने कहा कि स्पोर्ट्स में हरजिंदर कौर ने जितनी मेहनत की है, वह हर किसी के लिए प्रेरणा स्रोत साबित होगी। आज पंजाब के युवा वैसे ही स्पोर्ट्स में नहीं आ रहे। अगर युवाओं को खेलों में भविष्य दिखेगा तो वह जरूर इस ओर आएंगे।​​​​​​​

खेल के साथ पढ़ाई में भी होशियार

हरजिंदर कौर की मां कुलदीप कौर बेटी की कामयाबी से भावुक नजर आईं। कुलदीप कौर ने बताया कि उनकी बेटी बहुत होशियार और मेहनती है। खेल के साथ-साथ उसने कभी भी अपनी पढ़ाई से समझौता नहीं किया। इतना ही नहीं, हरजिंदर कौर जब भी घर में होती है, कामकाज में उनका पूरा हाथ बंटाती है।

कुलदीप कौर ने कहा कि उनकी बेटी चूल्हा-चौका भी बखूबी संभाल लेती है। हालांकि वह चाहती हैं कि उनकी बेटी अपना पूरा फोकस पढ़ाई और स्पोर्ट्स पर ही लगाए। अभी उसे बहुत कुछ हासिल करना है।

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