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राहत:कोरोना के कारण डेढ़ साल बंद रहे डोनेशन कैंप फिर चालू, 50% बढ़े डोनर

अमृतसर7 दिन पहले
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धर्म सिंह मार्केट के अर्बन हेल्थ सेंटर में लगाए गए शिविर में थैलीसीमिया वेल्फेयर एसोसिएशन ने इकट्ठा किया 49 यूनिट खून - Dainik Bhaskar
धर्म सिंह मार्केट के अर्बन हेल्थ सेंटर में लगाए गए शिविर में थैलीसीमिया वेल्फेयर एसोसिएशन ने इकट्ठा किया 49 यूनिट खून

कोरोना काल के डेढ़ साल तक बंद रहे ब्लड डोनेशन कैंप फिर से चालू हो गए हैं। इसके चलते सरकारी अस्पतालों की ब्लड बैंकों में चल रही खून की कमी आहिस्ता-आहिस्ता दूर होने लगी है। ब्लड बैंकों तथा ब्लड डोनेट करने वाली एनजीओज की मानें तो कोरोना काल से पहले जो ब्लड इकट्ठा होता था, वह कोरोना के दौर में पूरी तरह से बंद हो गया था और अब िफर से 50% तक इजाफा हुआ है। धर्म सिंह मार्केट स्थित अर्बन हेल्थ सेंटर में अमृतसर थैलीसीमिया वेल्फेयर एसोसिएशन ने रविवार को 49 यूनिट खून एकत्रित किया।

कोरोनाकाल में खाली हो गए थे ब्लड बैंक, अब फिर से पुरानी स्थिति लौटने लगी

जिले में कोरोना काल से पहले ब्लड की मासिक डिमांड 3,000 यूनिट के करीब थी। इसमें गुरु नानक देव अस्पताल में 1,800 और सिविल में 800 यूनिट थी। प्राइवेट अस्पताल अपने तौर पर ब्लड इकट्ठा करने के अलावा ब्लड डोनेशन की भी मदद लेते रहे हैं, जबकि सरकारी अस्पताल काम डोनेशन पर ही चलता रहा है। लेकिन जब कोरोना महामारी आई तो ब्लड डोनेशन कैंप बंद हो गए और लोग खूनदान से कतराने लगे थे। जीएनडीएच की ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. नीरजा शर्मा का कहना है कि उस दौरान तो ब्लड बैंक खाली हो गए थे, इसके लिए स्टाफ और स्टूडेंट्स से मदद ली गई थी।

कैंपों में पहले 80 लोग पहुंचते थे अब 35-40

कोरोना संक्रमण में राहत मिलते ही ब्लड डोनेशन एनजीओज ने कैंप लगाने शुरू कर दिए हैं। सबसे अधिक कैंप हेरिटेज स्ट्रीट में लग रहे हैं। नॉलेज विला एजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी के प्रधान बिक्रमजीत सिंह ने बताया कि सरकारी अस्पतालों के लिए पहले हफ्ते में 10 कैंप लगते थे, लेकिन कोरोना काल में बंद हो गए थे। अब 3-4 लग रहे हैं। हेरिटेज स्ट्रीट में रविवार को कैंप लगाने वाली संस्था बीइंग ह्यूमन ब्लड डोनेशन सोसायटी के प्रधान मनीकरण ढल्ला ने बताया कि पहले कैंप में 70 से 80 लोग पहुंचते थे। अब 35-40 पहुंच रहे हैं।

इन्हें खून की सबसे ज्यादा जरूरत इलाज के दौरान खून की जरूरत एक्सीडेंट, डिलिवरी, आपरेशन, थैलेसीमिया मरीज, कोरोना तथा डेंगू मरीजों को अधिक पड़ती है। सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक की इंचार्ज डॉ हरकीरत कौर का कहना है कि कोरोना काल में एक्सीडेंट तथा नार्मल ऑपरेशन बंद थे, इसलिए स्थिति संभली रही। उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल में अभी भी खून की कमी है।

90% ब्लड डोनर श्रद्धालु... दरबार साहिब के पास हेरिटेज स्ट्रीट में हर सप्ताह लगने वाले ब्लड डोनेशन कैंप में 90% डोनर श्रद्धालु होते हैं। जीएनडीएच स्थित थैलेसीमिया विंग में बतौर कौंसलर काम करने वाली संगीता शर्मा बताती हैं कि इसमें भी 80% लोग दूसरे राज्यों के होते हैं। इनमें यह भावना है कि दर्शन करके ब्लड डोनेट करने से यहां आने का मकसद सफल रहा। फिलहाल टूरिस्टों को इसके लिए लंबे समय से मोटिवेट किया जाता है और अब लोग खुद ही आ जाते हैं।

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