कोरोना वैक्सीनेशन में लक्ष्य से पिछड़ा अमृतसर:2.15 लाख लोग नहीं पहुंचे वैक्सीन की दूसरी डोल लगवाने, स्वास्थ्य विभाग जुटा तलाश में

अमृतसर9 महीने पहले
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वैक्सीन की डोज लेते हुए महिला। - Dainik Bhaskar
वैक्सीन की डोज लेते हुए महिला।

अमृतसर को कोरोना वैक्सीनेशन का शत प्रतिशत लक्ष्य पाने में अभी और समय लगने वाला है। शहर के 30 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिन्होंने कोरोना वैक्सीनेशन की दूसरी डोज लेने नहीं आए। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी को सरकारी कर्मचारियों के वेतन रोकने जैसे सख्त फैसले लेने पड़ रहे हैं। सेहत विभाग भी 100 प्रतिशत का लक्ष्य पाने के लिए अब घर-घर जाने की तैयारी मे है।
कोविड वैक्सीनेशन की दोनों डोज का अंतराल 84 दिन का है। 84 दिन पहले 24 अगस्त तक 7 लाख 11 हजार 49 लोगों ने पहली डोज ले ली थी। अब इन लोगों को दूसरी डोज लेनी थी। लेकिन 2 लाख 15 हजार 109 लोग वैक्सीन की दूसरी डोज लेने ही नहीं पहुंचे। इस आंकड़े ने वैक्शीनेशन की रफ्तार को 30.3 प्रतिशत तक घटा दिया है। दूसरी डोज न लेने वाले लापरवाह लोगों में आम जनता के साथ सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं। सेहत विभाग इन लोगों तक पहुंचने के लिए घर-घर जाने की तैयारी में है। सारा डाटा तैयार हो गया है।
13 लाख को लगी प्रथम डोज
सेहत विभाग के आंकड़ों को देखें तो शहर में 17 लाख 96 हजार 36 लोगों को डोज लग चुकी है। शत प्रतिशत का लक्ष्य पाने के लिए अभी भी 12 लाख 96 हजार 964 डोज अभी लगाई जानी हैं। इनमें 13 लाख 96 लोगों की पहली डोज दी गई। वहीं दूसरी डोज लेने वालों की संख्या 4 लाख 95 हजार 940 है।
निजी नर्सिंग कॉलेजों की लेंगे मदद
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रेणु भाटिया ने बताया कि वैक्शीनेशन के लिए निजी नर्सिंग कॉलेज के फाइनल ईयर और ट्रेनिंग पीरियड के स्टूडेंट्स की मदद ली जाएगी। इसके लिए दो कॉलेजों के तकरीबन 25 स्टूडेंट्स को ट्रेनिंग दी गई है।
एएनएम की हड़ताल का पड़ेगा असर
सेहत विभाग और जिला प्रशासन चाहे कोरोना वैक्सीनेशन की रफ्तार को बढ़ा़ने और शत प्रतिशत लक्ष्य पाने की कोशिशों में जुटा है। लेकिन आने वाले दिनों में यह रफ्तार और धीमी हो सकती है। असल में सेहत विभाग की एएनएम हड़ताल पर हैं और आशा वर्कर हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। दोनों ही कर्मचारी ऐसी थी, जिन्होंने पूरी जान लगाकर वैक्सीनेशन ड्राइव को चलाया।

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