गुरजीत कौर की मां बोलीं- जो हुआ, रब की मर्जी:दो गोल किए उसने, प्रतियोगिता में या तो हार होती या जीत, अगली बार मेडल जरूर लाएगी; पिता-भाई ने कुछ नहीं कहा

अमृतसर6 महीने पहले
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भारतीय महिला हॉकी टीम की ड्रैग फ्लिकर गुरजीत कौर की फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
भारतीय महिला हॉकी टीम की ड्रैग फ्लिकर गुरजीत कौर की फाइल फोटो।

टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम ब्रॉन्ज मेडल मैच में ग्रेट ब्रिटेन ने हार गई है। ब्रिटेन ने भारत को 4-3 से हराया। भारतीय टीम ने दूसरे क्वार्टर में 3-2 की बढ़त बना ली थी। लेकिन इस बढ़त को टीम कायम नहीं रख सकी। वहीं इस हार से ड्रैग फ्लिकर गुरजीत कौर के घर में मायूसी छा गई है। पिता और भाई टीवी के आगे से उठकर अंदर चले गए। वहीं मां ने भी बस एक बात कही।

जो हुआ रब की मर्जी है
गुरजीत कौर की मां हरजिंदर कौर घर में इकट्‌ठे हुए लोगों को चाय नाश्ता कराने में व्यस्त थीं तो उन्होंने बीच में मैच के बारे में पूछने पर कहा कि जो हुआ, रब की मर्जी है। टीम शानदार खेली। गुरजीत ने दो गोल किए। हर खिलाड़ी बस अच्छा खेल दिखाने के लिए ही मैदान में उतरता है। मुकाबले में या तो हार होती है या जीत तो कोई बात नहीं, अगली बार बेटियां मेडल जरूर लेकर आएंगी।

गुरजीत कौर की मां हरजिंदर कौर चाय नाश्ता बनाती हुईं।
गुरजीत कौर की मां हरजिंदर कौर चाय नाश्ता बनाती हुईं।

भारतीय टीम ने दूसरे क्वार्टर में 4 मिनट में 3 गोल किए

पहले क्वार्टर में मुकाबला 0-0 की बराबरी पर रहा। दूसरे क्वार्टर में ब्रिटेन ने दो गोल किए। पहले क्वार्टर में ब्रिटेन को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, पर भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया ने दोनों को बेकार कर दिया। ब्रिटेन की एली रायर ने 16वें मिनट और सारा रॉबर्टसन ने 24वें मिनट में गोल कर ब्रिटेन को 2-0 की बढ़त दिला दी।

2-0 से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने दूसरे क्वार्टर में ही जबरदस्त वापसी की और 4 मिनट के अंदर 3 गोल दागे। गुरजीत कौर ने 25वें और 26वें मिनट में गोलकर पहले स्कोर 2-2 से बराबर किया। वंदना कटारिया ने 29वें मिनट में गोलकर टीम इंडिया को 3-2 की लीड दिला दी।

तीसरे क्वार्टर में ब्रिटेन की पियर्ने वेब ने 35वें मिनट में गोल कर स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया था। चौथे और आखिरी क्वार्टर में ब्रिटेन ने चौथा गोल दागकर 4-3 की बढ़त बना ली है। 48वें मिनट में बाल्सडन ने गोल दागा। ब्रिटेन ने आखिर तक यह बढ़त बनाए रखी और मैच जीत लिया।

मैच देखते गुरजीत कौर के परिजन।
मैच देखते गुरजीत कौर के परिजन।

रात से ही लाइट नहीं थी घर में
गुरजीत कौर के घर में रात से ही लाइट नहीं थी। परिजनों ने फोन करके कहा कि मैच देखना है, लेकिन लाइट नहीं आई। तकनीकी खराबी होने की बात कही गई। गुरजीत के भाई आकाश विंदर सिंह ने कहा है कि बिजली न होने के कारण परिवार थोड़ा परेशान तो है लेकिन जरनेटर का इंतजाम कर लिया है। वहीं जैसे ही जनरेटर चलने पर टीवी ऑन हुआ, गुरजीत ने पहला गोल कर दिया। हालांकि 8 बजे लाइट आ गई थी, लेकिन टीम हार गई तो थोड़ी मायूसी छा गई।

गुरजीत के भाई ने नहीं देखा मैच

गुरजीत कौर के भाई आकाश विंदर सिंह ने लाइट न होने पर ट्रैक्टर से जुगाड़ करके जनरेटर का इंतजाम तो कर दिया। लेकिन वे मैच नहीं देख रहे हैं। क्योंकि उनका कहना है कि जब भी वे मैच देखते हैं तो टीम हार जाती है। इसलिए वे आज का मैच भी नहीं देखेंगे, सिर्फ अरदास करेंगे, वाहेगुरु का नाम जपेंगे।

गुरजीत की नौकरी पंजाब में चाहते हैं माता-पिता

गुरजीत के पिता सतनाम सिंह और मां ने हरजिंदर कौर ने मांग की है कि उनकी बेटी जब भी खेली है, पंजाब का नाम रोशन हुआ है। लेकिन पिछले कई सालों से वह इलाहाबाद रेलवे में सीनियर क्लर्क के पद पर नौकरी कर रही है। हमारी मांग है कि उसे घर के पास पंजाब में नौकरी दी जाए। अगर ऐसा होगा तो वह अपने खेल पर और ज्यादा अच्छे से फोकस कर सकती है। यही नहीं, उनकी बेटी को पंजाब में कम से कम डीएसपी के पद पर नौकरी दी जाए। अगर बेटी ब्रॉन्ज मेडल जीत आती है तो उसे एसपी के पद पर बिठाया जाए।

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