नया पैंतरा:नियम अनदेखा कर ट्रस्ट ने 235 कामों के ई-टेंडर, लास्ट डेट से सिर्फ पांच दिन पहले किए ऑनएयर

अमृतसरएक महीने पहले
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एसओपी गाइडलाइंस की उल्लंघन पर तिथि में हेर-फेर - Dainik Bhaskar
एसओपी गाइडलाइंस की उल्लंघन पर तिथि में हेर-फेर
  • चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए ट्रस्ट अफसर का नया पैंतरा
  • फेयर कंपिटिशन की बजाए चहेतों को ही टेंडर दिलाने का अवसर देने की ओर इशारा कर रहा

इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ओर से लगाए ई-टेंडर काॅल के लिए लगाए नोटिस इनवाइटिंग टेंडर (एनआईटी -13 और एनआईटी-14) को 4 दिनों से पूल करने का खेल चल रहा है। यह खेल कुछ पार्षदों के चहेते-ठेकेदार चला रहे थे। यहां तक कि चहेतों को मनमर्जी के टेंडर दिलाने के लिए 21 दिन और 14 दिन के लिए लगाए एस्टीमेट भी साइट पर सिर्फ 5 से 7 दिन पहले अपलोड किए गए। जोकि फेयर कंपिटिशन की बजाए चहेतों को ही टेंडर दिलाने का अवसर देने की ओर इशारा कर रहा है।

टेंडर पूल के खेल में ठेकेदारों की ओर से सोशल मीडिया पर बनाए ग्रुप और टेंडर लिस्ट की फोटो काॅपी पर विकास कार्यों को मर्जी की फर्मों-नेताओं को देने का जिक्र किया गया। हैरानी है कि कुछ ठेकेदारों ने सीधे चेयरमैन को फोन करके पूल के खेल में उन्हें भी मौका देने की पेशकश कर दी। टेंडर 14 से 15 दिसंबर तक खुलने जा रहे हैं। वहीं अखबारों में दिए इश्तिहार में टेंडर खुलने की तिथि 15 दिसंबर बताई थी, वहीं ऑनलाइन यह तिथि 16 दिसंबर दी गई है। पूर्व कांग्रेसी नेता मनदीप सिंह मन्ना ने कहा कि ट्रस्ट चेयरमैन दमनदीप सिंह को मामले की जांच करानी चाहिए।

एसओपी गाइडलाइंस की उल्लंघन पर तिथि में हेर-फेर

लोकल बाॅडीज के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर 2018 के क्लाॅज 4.4 के मुताबिक जितने दिन के लिए टेंडर लगाए जाते हैं, उसका एस्टीमेट उतने दिन पहले ई-टेंडरिंग वेबसाइट पर अपलोड करना होता है। एस्टीमेट देरी से अपलोड करना एसओपी की गाइडलाइंस का उल्लंघन है। ट्रस्ट की ओर से अपलोड किए एनआईटी 13 और 14 को अपलोड की तिथि का खुलकर हेर-फेर है। एनआईटी-13 में 73 कामों के लिए 21 दिन का समय देते हुए 14 दिसंबर तक ई-बिड सबमिट करने को कहा था। जबकि एस्टीमेट 7 से 8 दिन तक देरी से यानी कि 8 और 9 दिसंबर को अपलोड किया गया। इसी तरह से एनआईटी-14 में 162 कामों के लिए 15 दिसंबर तक ई-बिड सबमिट करने को कहा था। 14 दिन के समय वाले इन ई-टेंडरों के लिए एस्टीमेट 11 दिसंबर दोपहर 1.15 बजे 4 दिन पहले अपलोड किया। वहीं एनआई -14 के लिए समाचार पत्र में दिए विज्ञापन में ई-बिड सबमिट करने की आखिरी तिथि 15 दिसंबर दी गई थी, जबकि ऑनलाइन 16 दिसंबर तक दर्शाना भी सवाल खड़े कर रहा है।

सोशल मीडिया ग्रुप पर ऐसे बांटे काम

सोशल मीडिया पर हलका ईस्ट से जुड़े कुछ पार्षदों के चहेतों और ठेकेदारों की ओर से अलग-अलग सीरियल वाले काम बांटने के मैसेज डाले। पूर्व चेयरमैन के करीबी ठेकेदार ने 1 वार्ड के बारे में ग्रुप में मैसेज डालते कहा कि उस वार्ड में संबंधित पार्षद ही काम कराएगा, उसमें कोई अन्य टेंडर न डाले। यह भी लिखा कि अगर किसी को संबंधित पार्षद से काम हो तो जरूर बताए। टेंडर पूल के इस खेल का सूत्रधार ठेकेदार की बात करें तो वह अकाली-भाजपा सरकार के समय से ट्रस्ट दफ्तर में दबदबा बनाए है। उसके साथ विधानसभा हलका ईस्ट के दो पार्षदों के करीबी और हमेशा विवादों में रहने वाली एक महिला पार्षद के रिश्तेदार का करीबी भी है। टेंडर पूल के खेल को सिरे चढ़ाने के लिए मजीठा रोड बाईपास स्थित एक घर और ट्रस्ट के कैंप ऑफिस में चार से पांच बैठकें हुईं। जिसमें 8 से 10 लोग भाग लेते रहे हैं।

लेस कम वाले ठेकेदार का टेंडर कैंसिल होगा- चेयरमैन

टेंडर पूल का मामला सामने आया है। किसी काम में पूल करके लेस कम डालने वाला का टेंडर रद्द हाेगा। ठेकेदारों से अपील है कि टेंडर में लेस डालते समय विकास कार्यों और सरकार की सेविंग पर असर न पड़े। टेंडरों में पूल का खेल नहीं चलने दिया जाएगा।

-दमनदीप सिंह, चेयरमैन इंप्रूवमेंट ट्रस्ट

ई-बिड सबमिट करने का समय बढ़ाएंगे- एसई

कुछ टेंडरों के एस्टीमेंट में बदलाव से एस्टीमेट साइट पर देरी से अपलोड हुए हैं। टेंडर पूल की भी शिकायतें आई हैं। ट्रस्ट चेयरमैन से बात करके ई-बिड सबमिट करने का समय बढ़ाया जाएगा। टेंडर पूल होने से रोकने के लिए भी जरूरी कदम उठाएंगे।

-प्रदीप जसवाल, एसई इंप्रूवमेंट ट्रस्ट

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