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कोरोना की जाली रिपोर्ट, फर्जी इलाज:सीएम के आदेश के 2 दिन बाद भी जांच शुरू नहीं हुई, एसआईटी को लिखित ऑर्डर का इंतजार

अमृतसर10 महीने पहले
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  • एक और युवक ने सीपी को दी ईएमसी अस्पताल के खिलाफ शिकायत, कोरोना इलाज के 19 लाख मांगने का आरोप
  • छह लाख रुपए देने के बावजूद मेरे भाई का इलाज बंद किया, 2 दिन बाद मौत : राहुल

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से तुली लैब और ईएमसी अस्पताल के फर्जीवाड़े के मामले में बनाई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने दो दिन बाद भी जांच शुरू नहीं की है। अभी तक एसआईटी के सदस्य चीफ सेक्रेटरी की और से रिटन आदेश मिलने का इंतजार कर रहे हैं, जिनके बुधवार काे आने उम्मीद है।

इस बाद ही जांच शुरू हाे पाएगी। दूसरी तरफ ईएमसी अस्पताल के एक और कोरोना मरीज के परिवार ने प्रबंधन पर इलाज के नाम 19 लाख मांगने का आरोप लगाया है।

गौरतलब है कि रविवार को मुख्यमंत्री ने ‘फेसबुक लाइव’ के दौरान अमृतसर के साहिल नाम के युवक के सवाल के जवाब में मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन ऐलान किया था।

एसआईटी में पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह गिल, एडीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल और सिविल सर्जन डॉ. नवदीप सिंह को शामिल किया गया है। यह टीम पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में काम करेगी, मगर इस संबंध में रिटर ऑर्डर नहीं आए हैं।

छह लाख रुपए देने के बावजूद मेरे भाई का इलाज बंद किया, 2 दिन बाद मौत : राहुल

गिलवाली गेट निवासी राहुल समाजसेवी शक्ति कल्याण और विक्की चीदा के साथ मंगलवार को पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह गिल को ईएमसी अस्पताल के खिलाफ शिकायत देने पहुंचे। राहुल ने आरोप लगाया कि पहले उसके माता-पिता और फिर भाई को पॉजीटिव बताया गया।

तीनों को ईएमसी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। अस्पताल ने इलाज के 19 लाख रुपए का बिल बना दिया। उसने छह लाख रुपए दे दिए और कहा कि वह बाकी के पैसे नहीं दे सकता। इसके बाद उसके भाई का इलाज बंद कर दिया।

वह भाई को दूसरे अस्पताल ले गया, जहां दो दिन बाद उसकी मौत हो गई। राहुल ने कहा कि अस्पताल की लापरवाही से उनके भाई की मौत हुई है। इसी तरह शक्ति कल्याण ने भी एक शिकायत की है।

उन्होंने कहा कि उक्त परिवार का 19 लाख रुपए बिल बनाने के साथ-साथ अस्पताल के मालिक ने विक्की चीदा के साथ जिस शब्दावली का इस्तेमाल किया है, उसे लेकर ईएमसी अस्पताल के मालिक के ऊपर एससीएसटी एक्ट का केस दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल को सील करने के साथ-साथ एससीएसटी एक्ट का केस दर्ज किया जाए।

जमानत अर्जी पर सुनवाई अब 17 को :

तुली लैब और ईएमसी अस्पताल के प्रबंधकों पर विजिलेंस ब्यूरो की ओर से दर्ज किए गए मामले की सुनवाई मंगलवार को सर्बजीत सिंह धालीवाल की अदालत में सुनवाई हुई।

मंगलवार को भी कोई रिकार्ड पेश न किए जाने के कारण जमानत पर कोई फैसला न किया जा सका। अब मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को रखी गई है।

हाईकोर्ट में सुनवाई आज 

विजिलेंस की कार्रवाई को गलत ठहराते  हुए तुली लैब ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है, जिसकी सनुवाई बुधवार को होगी। मामले में 7 जुलाई को हाईकोर्ट ने सरकार से 15 जुलाई को अपना पक्ष रखने को कहा था।

याचिकाकर्ता के अनुसार लैब की मशीन को सील किया गया है, जो कि नियमों के खिलाफ है। 

20 जून को अस्पताल-लैब पर मारा था छापा

विजिलेंस ब्यूरो ने वरिंदर दत्ता उर्फ विक्की, राज कुमार खुल्लर और अशोक तनेजा की शिकायत पर 20 जून को तुली लैब और ईएमसी अस्पताल में छापेमारी की थी। जब्त किए गए रिकॉर्ड की जांच के बाद विजिलेंस ने तुली लैब के मालिक रोबिन तुली, रिदुम तुली, डॉ. महिंदर सिंह, संजय पिपलानी और ईएमसी अस्पताल के मालिक पवन अरोड़ा और डॉ. पंकज सोनी के खिलाफ ने 23 जून को केस दर्ज कर लिया था।

मामले ने तूल पकड़ा तो 8 जुलाई को पंजाब सरकार के चीफ सेक्रेटरी ने जांच लोकल पुलिस को दे दी। इसके 4 दिन बाद सीएम ने एसआईटी का गठन कर दिया। अब 24 दिन गुजरने के बाद भी मामले में एक भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

आज आदेश पहुंचने की उम्मीद, जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगी : पुलिस कमिश्नर 

^ जैसे ही आदेश आ जाएंगे, टीम मामले की जांच शुरू कर देगी। उम्मीद है कि बुधवार को आदेश पहुंच जाएंगे। जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी, जो भी होगा लोगों को बता दिया जाएगा। - डॉ. सुखचैन सिंह गिल, पुलिस कमिश्नर

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