पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

रजिस्ट्रियां:रजिस्ट्री कराने को स्टांप पेपर का नंबर दर्ज कर लॉक कराने के बाद भी बर्बाद नहीं जाएगी लाखों की फीस

अमृतसर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • हेल्प-डेस्क व ईमेल भेजने पर होगा समाधान, री-शेड्यूल की सुविधा देने के लिए चल रही तैयारी

फेक रजिस्ट्री अप्वाइंटमेंट पर रोक लगाने के लिए स्टैंप पेपर का नंबर दर्ज कर लॉक कराने का आदेश 1 जनवरी से लागू होने के बाद लोगों को संशय था कि लाखों रुपए बर्बाद जाएंगे, लेकिन सेम-डे रजिस्ट्रियां नहीं करा पाने की स्थिति में अप्वाइंटमेंट फीस बेकार नहीं जाएगी। अप्वाइंटमेंट की नॉर्मल फीस 500 और तत्काल में 5000 रुपए के अलावा जमीन-जायदादों की रजिस्ट्रियां कराने में स्टांप फीस के लाखों रुपए लगते हैं, वह बेकार नहीं जाएं इसके लिए हेल्प डेस्क या ईमेल -भेज सकेंगे। वहीं हेड ऑफिस से इमरजेंसी केसों में रजिस्ट्रियां नहीं करा पाने की स्थिति में उसी अप्वाइंटमेंट व स्टांप फीस पर दोबारा से रजिस्ट्रियां करा सकने की

सुविधा उपलब्ध कराने के लिए री-शेड्यूलिंग की व्यवस्था लागू कराने की तैयारी भी चल रही है। चंडीगढ़ के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि पार्टियों के अप्वाइंटमेंट डेट पर रजिस्ट्रियां नहीं करा पाने पर पहले की तरह रजिस्ट्री कैंसिल हो रही, लेकिन किसी के स्टांप शुल्क बेकार नहीं जाएंगे। ई-स्टांप फीस अदाकर उसे खरीदने के बाद 90 दिनों तक उसकी वैधता होती है।

यदि इमरजेंसी कारणों से लोग अप्वाइंटमेंट नहीं करा पाए हों तो वेबसाइट में ही नीचे दिए गए हेल्पडेस्क नंबर पर संपर्क करने के साथ ही ई-मेल आईडी पर शिकायतें भेज सकते हैं। स्टांप पेपर नंबर चढ़ाने व लॉक कराने की व्यवस्था फेक अप्वाइंटमेंट पर रोक लगाने के लिए शुरू की गई है। जल्द ही रि-शेड्यूल का ऑप्शन भी शुरू कराया जाएगा जिसके बाद लोग अपनी रजिस्ट्रियां उसी खर्चे पर करवा पाएंगे।

खबरें और भी हैं...