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सिद्धू से उनके अपने ही इलाके की जनता खफा:अमृतसर ईस्ट विधानसभा सीट के लोग बोले- साढ़े 4 साल से पूरा नहीं हुआ कोई प्रोजेक्ट; लोगों के सुख-दुख में शामिल होने तक नहीं आए

अमृतसर3 महीने पहले
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अमृतसर के हुसैनपुरा और शरीफपुरा के निवासी सिद्धू के लिए अपने विचार बताते हुए। - Dainik Bhaskar
अमृतसर के हुसैनपुरा और शरीफपुरा के निवासी सिद्धू के लिए अपने विचार बताते हुए।

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की नाराजगी ने पूरे पंजाब की सियासत को हिलाकर रख दिया। राज्य की सबसे स्ट्रांग कुर्सी मुख्यमंत्री पद पर भी ऐसी हलचल हुई कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इस्तीफा देने में ही समझदारी समझी। लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू के अपने अमृतसर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के समीकरण कुछ ठीक नहीं है। उनके हलके में वोटर सिद्धू से नाराज दिख रहे हैं। नाराजगी का सबसे बढ़ा कारण साढ़े चार साल की दूरी है।

साढ़े चार साल से नजर नहीं आए सिद्धू
हुसैनपुरा और शरीफपुरा एरिया के निवासी शिवनाथ सचदेवा, डॉ. पवन कुमार दत्ता, विनोद भाटिया, गुरचरण सिंह और रजिंदर कुमान ने बताया कि लोग सिद्धू से नाराज हैं। उनका कहना है कि सिद्धू सेलिब्रिटी है, राजनेता नहीं। साढ़े चार साल में सिद्धू अपने हलके में दो-चार बार ही दिखे हैं। वह किसी के दुख-सुख में शामिल नहीं हुए। इतना ही नहीं कई ऐसे काम पिछले साढ़े चार साल से पैंडिंग पड़े हैं। जिनकी जरूरत नहीं। लेकिन जिन कामों को करने की मांग वोटरों ने उठाई, आज तक शुरु भी नहीं हुए और ना ही सिद्धू का उन पर ध्यान गया।

100 फीट रोड पर भी सिद्धू के लिए वोटरों की नराजगी है।
100 फीट रोड पर भी सिद्धू के लिए वोटरों की नराजगी है।

सिद्धू बात नहीं सुनते, कुछ लोगों से घिरे रहते हैं
100 फीट रोड एरिया के रहने वाले केशव कालिया, मंदीप सिंह, कुलजीत सिंह, गुरनाम सिंह, गुरदेव सिंह फौजी, सरजू दिक्षित, हैप्पी धुन्ना, अमनदीप और राकेश कुमार ने बताया कि सिद्धू यहां साढ़े चार साल बाद पिछले ही महीने दिखे थे। राम मंदिर के गेट का उद्घाटन उनके हाथों से ही होना था। इलाके वालों ने यहां सिद्धू का विरोध किया। कारण वह नहीं थे, उनके चहेते थे। जो इलाके में मनमानियां करते हैं। सिद्धू वैसे भी साढ़े चार साल इलाके में दिखे नहीं। जब इलाके वालों को उनकी जरूरत पड़ी तो उन्होंने मदद करने से ही मना कर दिया और बात भी नहीं सुनी।

जोड़ा फाटक और कृष्णा नगर के लोग सिद्धू के साढ़े चार साल की दूरी से नाराज हैं।
जोड़ा फाटक और कृष्णा नगर के लोग सिद्धू के साढ़े चार साल की दूरी से नाराज हैं।

जिन कामों को करवाने की जरूरत हुए नहीं
जोड़ा फाटक, कृष्णा नगर और जज नगर एरिया के लोगों का गुस्सा अभी ट्रेन हादसे से उभरा ही नहीं है। वहीं दूसरी तरफ इलाके के लोग सिद्धू के यहां ना आने से भी गुस्सा हैं। सुभाष कुमार, परमजीत सिंह, श्याम लाल खुराना, सुरिंदर सिंह और चांद भाटिया ने बताया कि सिद्धू साढ़े चार साल से इलाके में नहीं आए। यह बेल्ट चाहे कांग्रेसियों की है, लेकिन इस बार नाराजगी भी उनके लिए बहुत ज्यादा है। कोई भी काम करवाना हो तो उनसे मिल ही नहीं सकते। इलाके में आकर उन्होंने कभी लोगों को उनकी जरूरतों के बारे में नहीं पूछा। इलाके का सीवरेज सिस्टम ठप्प है। लेकिन वे काम करवाने की जगह सड़कें बनाने का काम चल रहा है।

बटाला रोड के लोगों का सोचना है कि कांग्रेसी होते हुए सिद्धू के हराना आसान नहीं है।
बटाला रोड के लोगों का सोचना है कि कांग्रेसी होते हुए सिद्धू के हराना आसान नहीं है।

कांग्रेस को बटाला रोड से हराना आसान नहीं
बटाला रोड एरिया के लोग सिद्धू से नाराज नहीं हैं। उनका कहना है कि जब भी किसी काम की जरूरत हुई, यहां के पार्षद, जो कांग्रेस समर्थक हैं, हमेशा मदद के लिए आगे आए हैं। बटाला रोड के पवन नगर, कांगड़ा कालोनी, महिंदरा कालोनी, जज नगर में रहने वाले केवल कृष्ण, सुरिंदर अरोड़ा, लक्ष्मण दास, चमन लाल ताया, अशोक कुमार, दीपक देवगन और रविंदर शर्मा कहते हैं कि बटाला रोड हमेशा ही कांग्रेसियों का गढ़ रहा है। सिद्धू चाहे इलाके में नहीं आए, लेकिन यहां के काम होते रहे हैं। सिद्धू को अगर कांग्रेस ईस्ट से सीट देती है तो उन्हें हराना आसान नहीं होगा।

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