जलभराव के लिए लोग रहें तैयार / मानसून आ गया, निगम 40% ही तैयार

छोटी सीवरलाइन की सफाई में जुटी सुपर सक्कर मशीन। छोटी सीवरलाइन की सफाई में जुटी सुपर सक्कर मशीन।
X
छोटी सीवरलाइन की सफाई में जुटी सुपर सक्कर मशीन।छोटी सीवरलाइन की सफाई में जुटी सुपर सक्कर मशीन।

  • शहर में 100 किलोमीटर लंबी मेन सीवरलाइन के 60% हिस्से की 40 साल में एक बार भी सफाई नहीं
  • बहाना-पिछले साल लोकसभा चुनाव तो इस बार कोरोना के कारण देरी
  • 10 माह में 40 % मेन लाइन की ही सफाई, 100% के लिए 7 माह और लगेंगे
  • 1300 किमी लंबी छोटी सीवरलाइन में से सिर्फ 12 किलोमीटर ही साफ

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 05:55 AM IST

अमृतसर. शहर में मानसून दस्तक दे चुका है, लेकिन लोगों को जलभराव से बचाने के लिए निगम ने अभी तक मात्र 40% ही तैयारी की है। इसलिए वाॅल्ड सिटी सहित शहर के कई इलाकों के लोगों को बारिश के पानी से परेशानी झेलने के लिए तैयार रहना चाहिए।

निगम शहर की 200 किलोमीटर मेन सीवरलाइन में से 100 किलोमीटर पिछले 40 साल से साफ नहीं करवाई है। पिछले साल सितंबर में इसी डिसिल्टिंग शुरू की गई, लेकिन 10 महीनों में 40% काम ही हुआ है।

बाकी के काम को पूरा करने के लिए कम से कम 7 महीने लगेंगे, ऐसे में इस बरसात में जलभराव लोगों को खासा परेशान करेगा। यही नहीं 1300 किलोमीटर लंबी छोटी सीवरलाइन का मात्र 12 किलोमीटर हिस्सा चार महीने में साफ करवाया गया है।

यहां तक कि सड़कों पर मौजूद 50 हजार रोड गूलीज को भी नगर निगम अभी तक साफ नहीं करवा पाया है।

छोटी सीवरलाइन की सफाई मार्च महीने में शुरू की गई थी, लेकिन कोरोना के कारण इसे बंद करना पड़ा। वहीं 200 किलोमीटर की मेन सीवरलाइन में से 100 किलोमीटर जायका की तरफ से करीब 5 साल पहले डाली गई है।

वॉल्ड सिटी, रामबाग, कोट आत्मा राम, पुतलीघर और इस्लामाबाद में ज्यादा दिक्कत

मेन सीवरेज लाइन साफ नहीं होने के कारण आउटर सर्कुलर रोड के इलाके, रामबाग, कोट आत्मा राम, अजीत नगर, पुतलीघर, इस्लामाबाद, गिल रोड बस स्टैंड, सिटी सेंटर, आउटर सर्कुलर रोड इलाके मुख्य तौर पर प्रभावित होंगे।

रोड गूलीज में पिछली बरसात की मिट्टी जमा

शहर की बड़ी और छोटी सीवरलाइन समय पर साफ करवाना तो दूर निगम रोड गूलीज तक साफ नहीं करवा पाया है। शहर में करीब 50 हजार से ज्यादा रोड गूलीज होंगी।

वहीं रोड गूलीज साफ नहीं होने के कारण बरसाती पानी सड़कों पर ही खड़ा रहेगा। बरसात के बाद रोड गूलीज में मिट्टी जम जाती है, जिसके कारण बारिश होने की सूरत में पानी सीवरेज में नहीं जा पाएगा।

डिसिल्टिंग में लगी दो मशीनें खराब

निगम ने की तरफ से डिसिल्टिंग के लिए लगाई गईं सुपर सक्कर मशीनों में से दो खराब होने के कारण फरीदाबाद में रिपेयर के लिए भेजी गई हैं। ये मशीनें अगले हफ्ते तक आ जाएंगी।

इसके अलावा वर्तमान में पुलिस लाइन के नजदीक, सकत्तरी बाग, सुल्तानविंड रोड पर सुपर सक्कर मशीनें डिसिल्टिंग पर लगाई हुई हैं। वहीं आगे विधानसभा हलका वेस्ट में एक मशीन लगने जा रही है। 

कैंट रोड, मकबूल रोड, रतन सिंह चौक, बसंत एवेन्यू की ही लाइन साफ

भगतांवाला से लेकर फोकल प्वाइंट तक ओपन व कवर्ड गंदे नाले का काम लगभग पूरा हो चुका है। वहीं मात्र 750 मीटर का एरिया ही बाकी बचा है। कैंट रोड छत्तरी वाला चौक से लेकर माल रोड, आदर्श सिनेमा चौक, क्रिस्टल चौक तक मेन लाइन क्लियर हो चुकी है।

नारी निकेतन मजीठा रोड से लेकर पावर काॅलोनी तक मेन लाइन क्लियर की गई है। मकबूल रोड इलाके में भी एक किलोमीटर तक मेन लाइन क्लियर की गई है।

जनता काॅलोनी ट्यूबवैल से लेकर रतन सिंह चौक-बसंत एवेन्यू मेन मार्केट तक मुख्य तौर पर डिसिल्टिंग हुई है।

मैनुअल डिसिल्टिंग पर रोक और कोरोना से देरी: कमिश्नर

निगम कमिश्नर कोमल मित्तल ने कहा कि मैनुअल डिसिल्टिंग के कारण मशीनों से डिसिल्टिंग करवाई जा रही है। मुश्किल से 7-8 ही कांट्रेक्टर हैं, जिनके पास जरूरी मशीनरी है। कोरोना के कारण लेबर-मशीनरी अवेलेबल नहीं थी।

मेन लाइन क्लियर करवाई है। इस कारण छोटी लाइन की मुश्किल नहीं आएगी।  बरसात में वाल्ड सिटी में जलभराव की समस्या आएगी, क्योंकि वहां पर आबादी ज्यादा है और सीवरेज छोटा पड़ा हुआ है।

हर वार्ड में छोटी सुपर सक्कर मशीन से भी काम करवा रहे हैं। वहीं ओपन व कवर्ड गंदा नाला लगभग साफ करवा दिया गया है। बाकी निगम की टीमें तैयार रहेंगी और जहां ज्यादा जलभराव की मुश्किल होती है, उन इलाकों में रोड गूलीज भी साफ करवा रहे हैं।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना