अमृतसर में 3 अस्पतालों में लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट:कोरोना की तीसरी लहर डेल्टा वैरिएंट से बचाव की तैयारी शुरू, ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेशन सरकार का लक्ष्य

अमृतसर6 महीने पहले
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जीएनडीएच में लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट। - Dainik Bhaskar
जीएनडीएच में लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट।
  • जीएडीएच ने भी बढ़ाई अपनी कैपेसिटी

कोरोना महामारी की तीसरी लहर दूसरी से काफी अधिक घातक होने वाली है। डेल्टा वैरिएंट इतना अधिक खतरनाक है कि एक पॉजिटिव मरीज 1000 लोगों को संक्रमित कर सकता है। लेकिन इसके लिए सेहत विभाग भी अपनी तैयारियों में जुटा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ वैक्सीनेशन भी पूरे जोरो पर है। वहीं जिले के तीन सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट इंस्टाल किए जा रहे हैं और गुरु नानक देव अस्पताल ने भी अपनी कैपेसिटी को कई गुणा बढ़ा लिया है।

गौरतलब है कि कोरोना काल से पहले सिर्फ गुरु नानक देव अस्पताल ही एकमात्र सरकारी अस्पताल था, जहां ऑक्सीजन प्लांट लगा था। लेकिन वह भी कई सालों से शुरु नहीं हो पाया था। शुरुआत में इस प्लांट की कैपेसिटी 6 टन लिक्विड ऑक्सीजन को स्टोर करने की थी। कोरोना काल से कुछ समय पहले ही यह प्लांट शुरु हुआ था। लेकिन अब इस प्लांट की कैपेसिटी को 36 टन कर दिया गया है। वहीं इस अस्पताल में प्रेशर स्विंग एडजोर्पशन (पीएसए) प्लांट भी लगा दिया गया है। यह प्लांट हवा से ऑक्सीजन खींचकर मरीजों तक पहुंचाता है। इसकी कैपेसिटी 1000 लीटर प्रति मिनट की है।

सिविल, अजनाला और बाबा बकाला साहिब में भी बन रहे प्लांट

शहर में इस समय तीन सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम चल रहा है। सहायक सिविल सर्जन डॉ. अमरजीत सिंह ने जानकारी दी है कि तीन प्लांटों का काम चल रहा है। सिविल अस्पताल में 1000 लीटर प्रति मिनट की कैपेसिटी है। वहीं अजनाला और बाबा बकाला साहिब में 250-250 लीटर प्रति मिनट कैपेसिटी के प्लांट लग रहे हैं। अगर तीसरी लहर आती है तो यह तीनों अस्पताल पूरी तरह से मरीजों को संभालने में तैयार रहेंगे।

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