16 ट्रकों में भरकर अफगान एंबेसी का सामान रवाना:अटारी के रास्ते रवाना हुआ फर्नीचर व अन्य चीजें; 1100 ट्रकों को पाकिस्तान ने दिया रास्ता, भारत पहुंचेंगे ड्राई फ्रूट के कई ट्रक

अमृतसर4 महीने पहले
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अटारी स्थित आईसीपी का बाहरी दृश्य। - Dainik Bhaskar
अटारी स्थित आईसीपी का बाहरी दृश्य।

अफगानिस्तान में तनाव के बाद भारत एंबेसी में फंसे भारतीयों को एयरलिफ्ट कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ अफगानिस्तान ने भी शांतिपथ दिल्ली में स्थित एंबेसी से भी अपना सामान मंगवा लिया है। बताया जा रहा है कि फर्नीचर व ऑफिस के सामान को अटारी सीमा 16 ट्रकों में लादकर अफगानिस्तान रवाना कर दिया गया है। इसके बीच पाकिस्तान ने अफगान बॉर्डर पर फंसे ड्राई फ्रूट से लदे 1100 ट्रकों के लिए बॉर्डर खोल दिया है। अफगानिस्तान से निकले कुछ ट्रक भारत तो कई ट्रक विश्व के अन्य देशों की तरफ जाने हैं। आने वाले 8 दिनों में यह ट्रक अटारी सीमा में प्रवेश कर जाएंगे।

अफगानिस्तान में तनाव पैदा होने के बाद पाकिस्तान ने भी अपने बॉर्डर बंद कर दिए थे। इसके बाद अफगानिस्तान का सड़क के माध्यम से होने वाला व्यापार भी बंद हो गया था। ऐस में अफगानिस्तान बॉर्डर पर 1100 से अधिक ट्रक ड्राई फ्रूट व अन्य सामान के फंस गए थे। हालांकि उससे पहले रवाना हुए ट्रक अटारी बॉर्डर पहुंच रहे हैं, जिनमें से 7 ट्रक सोमवार को भारत पहुंचे थे। व्यापार को लेकर भारत की सुरक्षा एजेंसियां अपना इनपुट केंद्र तक पहुंचा रही हैं, फिलहाल केंद्र से क्या संदेश आता है, देखने वाली बात होगी।

अफगानिस्तान का नाम बदला तो रद्द हो सकते हैं समझौते
विशेषज्ञों की मानें तो भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले व्यापार में आने वाला समय में थोड़ा दिक्कतों का सामना हो सकता है। दोनों देश एक दूसरे के साथ तकरीबन 3000 करोड़ रुपए का व्यापार करते हैं। हर साल अटारी बॉर्डर के रास्ते करीब 1100 से 1500 करोड़ का ट्रेड भारत-अफगानिस्तान के बीच होता है। अफगानिस्तान से भारत किशमिश, मुनक्का, अंजीर, अखरोट, बादाम, खुमानी, पिस्ता और काजू का आयात किया जाता है। अफगानिस्तान के साथ दोस्ती समझौता होने के बाद दोनों देशों में आयात निर्यात में काफी कम टैक्स के अलावा कई सहूिलयतें दी जाती हैं। अब अगर अफगानिस्तान अपना नाम बदल कर इस्लामिक एमिरेट ऑफ अफगानिस्तान रख लेता है तो दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते भी खत्म हो सकते हैं।

200 प्रतिशत तक ड्यूटी लग सकती है ड्राई फ्रूट पर
भारत-अफगानिस्तान के बीच अगर समझौते रद्द हो जाते हैं तो इसका असर भारत के व्यापार पर भी देखने को मिलेगा। इससे अटारी सीमा पर व्यापार तो कम होगा ही, इसके अलावा आने वाले ड्राई फ्रूट इम्पोर्ट पर टैक्स 200 प्रतिशत तक पहुंच सकता है, जिससे आने वाले समय में भारतीयों के लिए ड्राई फ्रूट काफी महंगा हो जाएगा।

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