इंजेक्शन लगाते ही रूकी मरीज की धड़कनें:पथरी के ऑपरेशन के लिए हुई थी एडमिट, परिवार ने करवाई 3 डॉक्टरों पर FIR

अमृतसर3 महीने पहले
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पंजाब के गुरदासपुर जिले में एक महिला मरीज की इंजेक्शन के लगते ही मौत हो गई, जिसके बाद परिवार ने अस्पताल में डॉक्टरों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। परिवार की शिकायत पर पुलिस ने तीन डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। मृतक की पहचान प्रीमलजीत कौर के रूप में हुई है और वह सरकारी स्कूल में अध्यापिका थी।

मृतका के पिता अजीत सिंह ने जानकारी दी कि उनकी बेटी प्रीमलजीत को पथरी की शिकायत थी, लेकिन ऑपरेशन के दौरान इंजेक्शन के लगते ही बेटी की मौत हो गई। पुलिस ने डॉ. हरभजन सिंह, उनके बेटे और मनजीत सिंह बब्बर के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली। हरभजन सिंह व उनके बेटे को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। वहीं मनजीत सिंह बब्बर मौके से भाग गया।

बिना स्पेशलिस्ट दिया एनेस्थीसिया

शुरुआती जांच में सामने आया कि ऑपरेशन से पहले जब अध्यापिका प्रीमलजीत कौर को एनेस्थीसिया दिया गया, तभी उसकी मौत हो गई थी। दरअसल, जब इस इंजेक्शन को लगाया गया, एनेस्थीसिया देने वाला डॉक्टर वहां था ही नहीं। वहीं डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन ने अपने पर लगे आरोपों को नकार दिया।

उनका कहना था कि रोगी की एकदम धड़कन रुकने से मौत हुई। इसमें उनका या फिर अस्पताल का कसूर नहीं था। स्टाफ ने रोगी को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। एनेस्थीसिया का इंजेक्शन एक एमडी डॉक्टर लगा सकता है। इसमें कोई ऐतराज नहीं हैं। वहीं दूसरी तरफ ऑपरेशन से पहले करवाए गए सभी टेस्ट नॉर्मल आए थे।

दो डॉक्टरों को किया गया गिरफ्तार

मौके पर पहुंचे थाना सिटी के एसएचओ गुरमीत सिंह ने बताया कि मृतका के पिता के बयान पर 3 डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बाप-बेटा डॉक्टरों को तुरंत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य डॉक्टर मंजीत सिंह बब्बर अभी फरार है। मामले की जांच चल रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा, कार्रवाई की जाएगी।