17 से खुलेगा करतारपुर कॉरिडोर:पहले जत्थे में पाकिस्तान जाएंगे 250 लोग, कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट के साथ RT-PCR निगेटिव रिपोर्ट जरूरी

अमृतसरएक वर्ष पहले
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पंजाब में चुनावी माहौल के बीच केंद्र सरकार ने गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व से दो दिन पहले करतारपुर कॉरिडोर खोलने की घोषणा कर दी। इसी दिन से करतारपुर जाने के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। गुरु नानक देव का प्रकाश पर्व 19 नवंबर को है। पहले जत्थे में 250 श्रद्धालु पाकिस्तान जाएंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, "देश 19 नवंबर को गुरु नानक देव का प्रकाश उत्सव मनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री @NarendraModi की सरकार के करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोलने के फैसले से पूरे देश में आनंद और उत्साह को और बढ़ावा मिलेगा।'

कोरोना गाइडलाइंस का पालन जरूरी
तकरीबन 20 महीने बाद खुलने वाले करतारपुर कॉरिडोर के जरिये पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोरोना गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य होगा। उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन की दोनों डोज लगे होने का सर्टिफिकेट या 72 घंटे से कम समय की RT-PCR टेस्ट रिपोर्ट देनी होगी। भारत सरकार के कॉरिडोर खोलने के ऐलान के बाद पाकिस्तान सरकार ने इसे लेकर गाइडलाइंस जारी कर दीं।

अब तक की गाइडलाइंस के अनुसार करतारपुर साहिब की वीजा फ्री यात्रा के लिए भारत का कोई भी 13 से 75 साल का नागरिक या अप्रवासी भारतीय आवेदन कर सकता है। इसके लिए ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। पंजीकरण के बाद नोटिफिकेशन प्राप्त होगा और यात्रा के लिए 20 डॉलर यानी तकरीबन 1400 रुपए की फीस देनी होगी। केंद्रीय गृहमंत्री के कॉरिडोर दोबारा खोलने की घोषणा के बाद अभी तक कोई नई गाइडलाइन नहीं आई है।

10 दिन पहले आवेदन

पहले से तय निर्देशों के अनुसार, इस वीजा फ्री यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को कम से कम 10 दिन पहले ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन में खुद पर चल रहे पुलिस केस या मुकदमे की जानकारी भी देनी होती है। ऑनलाइन आवेदन के बाद विदेश मंत्रालय फाइल को उस थाने में वैरिफिकेशन के लिए भेजता है, जिस थाना क्षेत्र में आवेदक रहता है। आवेदन में किसी प्रकार की जानकारी छिपाई गई या गलत भरी हो तो पुलिस की संस्तुति पर आवेदन निरस्त कर दिया जाता है। पुलिस वैरिफिकेशन के बाद ही केंद्रीय गृह मंत्रालय से करतारपुर साहिब की यात्रा पर जाने की मंजूरी मिलती है।

पाकिस्तान में स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारा।
पाकिस्तान में स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारा।

वीजा फ्री यात्रा के लिए ये दस्तावेज जरूरी

ऑनलाइन फॉर्म भरते समय पासपोर्ट साइज फोटो, पासपोर्ट के अगले और पिछले पेज की पीडीएफ फाइल अपलोड करनी होती है। वीजा की कोई जरूरत नहीं होती। जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद रजिस्ट्रेशन फार्म सेवा केंद्र में अपलोड किया जा सकता है। इसके बाद आवेदक को मैसेज के जरिए मोबाइल पर फीडबैक मिलता है और उसके बाद पुलिस वैरिफिकेशन शुरू हो जाता है।

7 किलो से ज्यादा सामान नहीं ले जा सकते

किसी भी धार्मिक मान्यता से ताल्लुक रखने वाला भारतीय नागरिक इस कॉरिडोर के जरिये पाकिस्तान में करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के दर्शन के लिए जा सकता है। शर्त यह है कि अगर वह कॉरिडोर से गया हो तो करतारपुर साहिब से आगे नहीं जा सकता। श्रद्धालुओं को उसी दिन शाम तक वापस आना होता है। श्रद्धालु अपने साथ 7 किलो से ज्यादा सामान नहीं ले जा सकते। यात्रा के दौरान 11 हजार रुपए से ज्यादा की भारतीय करंसी भी अपने पास नहीं रख सकते।

करतारपुर कॉरिडोर का सैटेलाइट व्यू।
करतारपुर कॉरिडोर का सैटेलाइट व्यू।

खुद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं तो यह जान लें

  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइट पर जाएं। सबसे पहले राष्ट्रीयता भरने के लिए इंडियन पर क्लिक करें।
  • जिस तारीख को यात्रा करनी है, वो सिलेक्ट करें। पासपोर्ट व अन्य डिटेल निर्देशानुसार भरते जाएं।
  • ऑनलाइन फॉर्म भरते समय पासपोर्ट साइज की फोटो और अपने पासपोर्ट के फ्रंट और बैक पेज की पीडीएफ फाइल सेव करके रखें। इसे अपलोड करना होगा।
  • सभी जरूरी डिटेल भरने और दस्तावेज अपलोड करने के बाद फॉर्म सब्मिट कर दीजिए। सारी प्रक्रिया केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय की निगरानी में होगी।
  • पुलिस जब वैरिफिकेशन करने आएगी तो आपको ऑनलाइन अपलोड किए गए आवदेन की कॉपी, आधार कार्ड और पैन कार्ड की एक-एक कॉपी उपलब्ध करानी होगी।
  • आवेदकों को ईमेल और मैसेज के जरिए चार दिन पहले आवेदन के कन्फर्मेशन की जानकारी दी जाएगी।
करतारपुर साहिब गुरुद्वारा। (फाइल फोटो)
करतारपुर साहिब गुरुद्वारा। (फाइल फोटो)

सिखों के लिए इसलिए अहम है करतारपुर साहिब
करतारपुर साहिब सिखों का पवित्र तीर्थ स्थान है। यह सिखों के पहले गुरु गुरु नानकदेव का निवास स्थान है और यहीं वह ज्योति लीन हुए। बाबा नानक ने अपनी जिंदगी के आखिरी 17-18 साल यहीं गुजारे। करतारपुर साहिब पाकिस्तान के नारोवाल जिले में है और यह इंटरनेशनल बॉर्डर से 4 किमी अंदर है। भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के समय यह स्थान सरहद के उस तरफ चला गया। कॉरिडोर बनने से पहले तक भारतीय सिख श्रद्धालु डेरा बाबा नानक में बॉर्डर के पास लगी दूरबीन के जरिये इस गुरुघर के दर्शन करते थे।

2019 में शुरू हुआ करतारपुर कॉरिडोर
करतारपुर कॉरिडोर का उद्धाटन 9 नवंबर 2019 को हुआ। भारत में पंजाब के गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। वहीं पाकिस्तानी सीमा में नारोवाल जिले में जीरो लाइन से लेकर करतारपुर गुरुद्वारे तक सड़क बनाई गई है। इसी को करतारपुर साहिब कॉरिडोर कहा जाता है।

करतारपुर कॉरिडोर।
करतारपुर कॉरिडोर।

कोरोना महामारी की वजह से करतारपुर कॉरिडोर मार्च 2020 से बंद है। पिछले दिनों भारत सरकार ने पाकिस्तान को कैटेगरी-C में रखकर करतारपुर कॉरिडोर खोलने के संकेत दिए थे। हालांकि भारत ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया। उधर कोरोना का संक्रमण बेहद कम रह जाने के बाद पंजाब के CM चरणजीत सिंह चन्नी, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रधान बीबी जागीर कौर और अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू भी डेरा बाबा नानक जाकर करतारपुर कॉरिडोर खोलने की अरदास कर चुके हैं।

करतारपुर कॉरिडोर खोलने की मांग को लेकर दो दिन पहले ही भाजपा की पंजाब इकाई के नेताओं ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की।
करतारपुर कॉरिडोर खोलने की मांग को लेकर दो दिन पहले ही भाजपा की पंजाब इकाई के नेताओं ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की।

बीते तीन दिन से BJP की पंजाब इकाई का शिष्टमंडल प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर मिल चुका है। सूत्रों के अनुसार, PM ऑफिस पहले ही कॉरिडोर खोलने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को कागजी कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दे चुका था।

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